‘समर्थ भारत, सक्षम भारत अभियान’ के तहत कौशल विकास यात्रा 2026 का आयोजन, विशेषज्ञों ने बताए कौशल विकास और करियर निर्माण के नए अवसर
Seoni, 28 October 2026
सिवनी/बरघाट यशो:- विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘समर्थ भारत, सक्षम भारत अभियान’ के अंतर्गत रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के तत्वावधान में संचालित ‘कौशल विकास यात्रा 2026’ का आयोजन गुरुकुल पब्लिक स्कूल, बरघाट में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नाटक और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से एआई की उपयोगिता, दैनिक जीवन में उसकी भूमिका और भविष्य में इसकी बढ़ती संभावनाओं को समझा।

नाटक और नृत्य के जरिए तकनीक का रोचक संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह शिक्षा, कार्यप्रणाली और दैनिक जीवन को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती है। प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक होने और उसके सकारात्मक उपयोग की प्रेरणा दी।
शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में निशांत श्रीवास्तव, स्टेट कोऑर्डिनेटर, आईसेक्ट, भोपाल; सचिन पाठक, रीजनल ऑफिसर, जबलपुर; नरेश सिंह राजपूत, संचालक गुरुकुल पब्लिक स्कूल एवं जिला संयोजक; यचेंद्र राहंगडाले, जिला समन्वयक, आईसेक्ट; प्रो. सी.एस. जाटव, शासकीय महाविद्यालय; एलेन मेकनिस, प्राचार्य, आईटीआई; डेनिस अर्जुनवार, शिक्षक, आईटीआई; श्रीमती शशिकला साहू, प्राचार्य, शासकीय कन्या विद्यालय; अमित साहू; श्रीमती कविता बनवाले, हेड ऑफ डिपार्टमेंट, एचआर इंस्टीट्यूट; वीरेंद्र बोपचे, अकाउंटेंट; नितेश गौतम, प्राचार्य, गुरुकुल पब्लिक स्कूल; तथा श्रीमती नाहिद खान, प्रधानाचार्य सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

एआई के सकारात्मक उपयोग से खुलेंगे प्रगति के नए रास्ते
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे आधुनिक तकनीक को समझें, उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी क्षमताओं का विकास करें।
आईसेक्ट, भोपाल के स्टेट कोऑर्डिनेटर निशांत श्रीवास्तव ने एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को सरल बनाने, कठिन कार्यों को सुगम करने, कौशल विकसित करने तथा शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम है।
शासकीय कन्या विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती शशिकला साहू ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, निरंतर सीखने और अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
नरेश सिंह राजपूत ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के संचालक एवं जिला संयोजक नरेश सिंह राजपूत ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एआई का सही और रचनात्मक उपयोग विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, नवाचार और प्रगति के नए अवसर खोल सकता है। तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास के माध्यम से विद्यार्थी देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
गुरुकुल पब्लिक स्कूल, बरघाट में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने, उनमें नवाचार की सोच विकसित करने और भविष्य के रोजगार अवसरों के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।