लगातार विमान दुर्घटनाओं के बाद सुकतरा हवाई पट्टी सील, मेस्को एयर स्पेस पर गिरी गाज
विमानन मंत्रालय के आदेश पर SDM कुरई ने संभाला प्रभार, प्रशिक्षु उड़ानों पर रोक
सिवनी यशो:- लगातार हो रही विमान दुर्घटनाओं और जनसुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवालों के बाद आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। विमानन विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरई द्वारा मेस्को एयर स्पेस की सुकतरा हवाई पट्टी को सील कर उसका प्रभार ग्रहण कर लिया गया है।

यह कार्रवाई विमानन मंत्रालय के आदेश क्रमांक
ए.वी.एन. 27/003/2025-एसईसी-आई-45 (एवीएन), दिनांक 15 दिसंबर 2025
के पालन में की गई।
प्रशिक्षु विमानों से बढ़ रहा था खतरा
ज्ञात हो कि मेस्को एयर स्पेस द्वारा संचालित प्रशिक्षु विमानों की उड़ानों के दौरान लगातार दुर्घटनाएँ सामने आ रही थीं।
सबसे गंभीर घटना 8 दिसंबर 2025 को हुई, जब सुकतरा हवाई पट्टी से उड़ान भरने वाला एक प्रशिक्षु विमान सिवनी से लगभग 20 किलोमीटर दूर आमगांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बताया गया कि विमान का पंख हाईटेंशन विद्युत लाइन से टकरा गया, जिससे यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना का असर केवल विमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 90 गांव लगभग 7 घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी घट चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशिक्षु उड़ानों का संचालन जारी रहा। इससे मेस्को एयर स्पेस की सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए थे।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
निर्देश मिलने के बाद विमानन मंत्रालय ने आज
एसडीएम कुरई ने
टी.आई. एवं तहसीलदार की उपस्थिति में
सुकतरा हवाई पट्टी को सील कर प्रशासनिक नियंत्रण में ले लिया।
प्रशासन का कहना है कि –
जब तक सभी सुरक्षा मानकों और अनुमति संबंधी शर्तों की पुनः जांच नहीं हो जाती,
तब तक किसी भी प्रकार की उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जनसुरक्षा सर्वोपरि
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि-
जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा
नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
प्रशिक्षु उड़ानों के नाम पर लोगों की जान जोखिम में डालना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
दुर्घटनाओं के लगातार के बाद सुकतरा हवाई पट्टी को सील किया जाना न केवल प्रशासन की मजबूरी थी,
बल्कि समय पर लिया गया जरूरी फैसला भी माना जा रहा है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि मेस्को एयर स्पेस के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।



