मध्यप्रदेशसिवनी

बोर्ड परीक्षा में शिक्षक करा रहे थे सामूहिक नकल, मामला उजागर होने से छोड़ रहे पसीना

परीक्षा केंद्र अध्यक्ष डीलन सिंह बिसेन पर गंभीर आरोप, शिक्षक उत्तर लिखते हुए पाए गए

Seoni 05 June 2025
सिवनी यशो: – सिवनी जि़ले के छपारा विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलफ में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को जिस हिसाब से खुलेरूप से नकल कराये जाने का मामला सामने आया है वह बेहद चिंताजनक है ओर शिक्षकों की नकल कराने में सहभागिता पूरे शिक्षा विभाग को शर्मशार करने वाला है । हालांकि यह एक विद्यालय का नजारा है जिसे एक पत्रकार ने उजागर किया है संभावना तो जिले के अन्य विद्यालयों में इसी प्रकार से नकल करायी जाने की हो सकती है । इस नकल प्रकरण को एक पत्रकार द्वारा सार्वजनिक किया गया है जो शिक्षा विभाग के निरीक्षण दल पर प्रश्र चिन्ह खड़े करता है । वार्षिक परीक्षाओं में शिक्षा विभाग के निरीक्षण दलों ने नकल प्रकरण न के बराबर बनाकर व्यवस्थाओं के लिये खूब वाहवाही लूट वह भी इस प्रकार के प्रकरण सामने आने से झूठी प्रतीत होती है ।

यहाँ बता दें कि छपारा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलफ में आयोजित कक्षा 5वीं एवं 8वीं की वार्षिक परीक्षा (द्वितीय अवसर) के दौरान सामूहिक नकल कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष डीलन सिंह बिसेन, जो कि शासकीय माध्यमिक शाला बीजादेवरी में प्रधान पाठक पद पर पदस्थ हैं, पर बच्चों को नकल कराने के आरोप लगे हैं।

सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, जिला सिवनी से अनुमति प्राप्त कर जब एक पत्रकार ने विद्यालय का दौरा किया, तो उन्होंने पाया कि परीक्षा केंद्र में परीक्षा संचालन के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। ग्रीन बोर्ड और स्मार्ट पैनल पर प्रश्नों के उत्तर लिखे जा रहे थे, और कुछ शिक्षक तो बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं में स्वयं उत्तर लिखते पाए गए।

विशेष बात यह रही कि परीक्षा केंद्र में नियत संख्या से अधिक शिक्षक उपस्थित थे, जो संभवत: नकल कराने में सहयोग कर रहे थे। यह भी सामने आया कि डीलन सिंह बिसेन का स्वयं का विद्यालय (बीजादेवरी) कक्षा 8वीं का प्रथम अवसर परीक्षा परिणाम मात्र 15.79 प्रतिशत रहा, जो कि पूरे छपारा विकासखंड में सबसे कम था।

इस संदर्भ में बीआरसी छपारा द्वारा श्री बिसेन को पूर्व में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। सूत्रों के अनुसार, श्री बिसेन नियमित रूप से अपने विद्यालय नहीं पहुँचते और सप्ताह में केवल 2 से 3 दिन उपस्थिति देते हैं। इसके बावजूद, वे अन्य विद्यालयों के संस्था प्रमुखों की शिकायतें करते रहते हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि द्वितीय अवसर की परीक्षा के लिए श्री बिसेन ने जनपद शिक्षा केंद्र छपारा में पदस्थ बीएसी घनश्याम सनोडिया और बीजादेवरी के जनशिक्षक से मिलकर उस परीक्षा केंद्र का केंद्राध्यक्ष स्वयं को नियुक्त करवाया, जहाँ उनके ही विद्यालय के छात्र परीक्षा में सम्मिलित हो रहे थे, जिससे कि नकल के ज़रिए उन्हें पास करवाया जा सके।

हालांकि मामला सार्वजनिक होने से नकल कराने वाले शिक्षक, केन्द्राध्यक्ष और उच्चाधिकारी बुरी तरह घबराये हुये है और पसीना छोड़ रहे है । बच्चों के भविष्य की बात कहकर मामले को दबाने का भी प्रयास होते रहा है परंतु मामला दब न सका । यह संपूर्ण प्रकरण शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। जिले के शिक्षा प्रशासन से इस विषय में उचित जांच और कठोर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

हमने जानकारी मिलते ही जाँच दल का गठन कर दिया है और जाँच होते ही नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।
महेश बघेल
डीपीसी सिवनी

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