सिवनीमध्यप्रदेश

मंदिर की शरण में आईं दो बाघ जिंदगियां, वन अमले ने समय रहते बचाया

सिवनी के गोरखपुर गांव में खेतों के बीच मंदिर परिसर में मिले 7–8 माह के बाघ शावक, वन अमले की सतर्कता से टला बड़ा खतरा

दिनांक: 02–03 फरवरी 2026
स्थान: पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी (मध्य प्रदेश)

Seoni 03 February 2026
सिवनी यशो:- मंदिर में बाघ शावक मिलने की यह घटना सिवनी जिले के गोरखपुर गांव में सामने आई, जब खेतों के बीच स्थित एक छोटे मंदिर परिसर में दो कमजोर और भयभीत बाघ शावक देखे गए। ग्रामीणों की सूचना पर पेंच टाइगर रिज़र्व का वन अमला आधी रात मौके पर पहुँचा और सुरक्षित रेस्क्यू किया।

मंदिर में बाघ शावक मिलने से गांव में दहशत और कौतूहल

दिनांक 02 फरवरी 2026 की रात्रि ग्रामवासियों ने दक्षिण सिवनी वनमंडल एवं
पेंच टाइगर रिज़र्व के वन अमले को सूचना दी कि
राजस्व ग्राम गोरखपुर में कृषि भूमि के समीप बने एक छोटे मंदिर में
दो बाघ शावक दिखाई दे रहे हैं।

आस्था के इस स्थल पर वन्यजीवों की उपस्थिति ने पूरे गांव को चौंका दिया।
मंदिर परिसर में एकत्र ग्रामीणों की आंखों में डर भी था और करुणा भी।

मंदिर परिसर से बाघ शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू कैसे हुआ

सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके पर पहुँचा।
भीड़ को नियंत्रित करते हुए निरीक्षण में पाया गया कि-

दोनों बाघ शावक लगभग 7–8 माह के हैं,

अत्यधिक कमजोर और भयभीत अवस्था में हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन अमले ने बिना ट्रैंक्विलाइज़ेशन
रात लगभग 2:30 बजे दोनों शावकों को
दो पृथक-पृथक पिंजरों में सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया।

खवासा पशु चिकित्सालय में नई उम्मीद

रेस्क्यू के तुरंत बाद शावकों को
पेंच टाइगर रिज़र्व स्थित पशु चिकित्सालय, खवासा ले जाया गया।

यहाँ उन्हें पर्याप्त भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया
तथा सीसीटीवी निगरानी में विश्राम हेतु रखा गया।

दिनांक 03 फरवरी 2026 की सुबह दोनों शावक
स्वस्थ और स्थिर अवस्था में पाए गए—

मानो मंदिर की शरण से उन्हें जीवन की नई ऊर्जा मिली हो।

री-वाइल्डिंग की ओर एक और कदम

मानव प्रभाव (Human Imprinting) से बचाव और
प्राकृतिक जीवन में पुनः लौटाने के उद्देश्य से
दोनों बाघ शावकों को एक साथ परिवहन पिंजरे में रखकर
सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व भेजा गया।

आस्था, करुणा और संरक्षण का संदेश

यह पूरी कार्यवाही वन अमले और पशु चिकित्सा दल के
समन्वित, शांतिपूर्ण और संवेदनशील प्रयासों से संपन्न हुई।

मंदिर की चौखट पर मिला यह जीवन संदेश देता है कि-

आस्था और प्रकृति जब साथ आती हैं,

तो संरक्षण स्वयं रास्ता बना लेता है।

— क्षेत्र संचालक
पेंच टाइगर रिज़र्व
सिवनी, मध्य प्रदेश

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Dainikyashonnati

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