सिवनी के पेंच से राजस्थान तक गूंजी बाघिन की दहाड़
एमआई-17 हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में ऐतिहासिक शिफ्टिंग
Seoni December 23, 2025
बूंदी/ सिवनी यशो:- राजस्थान में बाघ संरक्षण के इतिहास में सोमवार का दिन मील का पत्थर बन गया, जब मध्यप्रदेश के सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिज़र्व से लाई गई एक युवा बाघिन को भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक शिफ्ट किया गया।
रविवार शाम को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान वन विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में बाघिन को सिवनी के सुकतरा हवाई पट्टी पर ट्रेंकुलाइज कर शाम करीब 4 बजे एयरलिफ्ट किया गया।
देर रात बाघिन को हेलीकॉप्टर से जयपुर हवाई अड्डे लाया गया,
जहां से विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सड़क मार्ग से बूंदी रवाना किया गया।

(फोटो सौजन्य: बूंदी टाइगर रिज़र्व | Facebook)
सुबह 6.36 बजे बजाल्या सॉफ्ट एनक्लोजर में सकुशल शिफ्ट
सोमवार सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर बाघिन को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व के बजाल्या सॉफ्ट एनक्लोजर में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया गया।
बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है और वन विभाग द्वारा उसकी सतत निगरानी की जा रही है।
कुछ दिनों तक एनक्लोजर में रखकर उसके व्यवहार,
स्वास्थ्य और नए वातावरण से सामंजस्य का अध्ययन किया जाएगा,
जिसके बाद उसे खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
सिवनी की बाघिन से मजबूत होगा राजस्थान का जीन-पूल
कोटा के मुख्य वन संरक्षक सुगनाराम जाट एवं
डॉ. तेजिंदर सिंह रियाड़ पिछले एक माह से इस अंतरराज्यीय ट्रांसलोकेशन अभियान का समन्वय कर रहे थे और
पिछले आठ दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे थे।
पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान के लिए क्षेत्र में लगभग 50 ट्रैप कैमरे लगाए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार अब तक राजस्थान के अधिकांश बाघ मछली बाघिन की ब्लड-लाइन से जुड़े होने के कारण इनब्रीडिंग का खतरा बढ़ रहा था।
सिवनी (पेंच) की दूसरी ब्लड-लाइन की बाघिन के आने से रामगढ़ विषधारी से बाघों की नई पीढ़ी की शुरुआत मानी जा रही है।

(फोटो सौजन्य: बूंदी टाइगर रिज़र्व | Facebook)
पहली बार दूसरे राज्य से बाघिन की एयरलिफ्ट
यह राजस्थान का पहला मामला है,
जब किसी दूसरे राज्य से बाघिन को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर लाया गया है।
अभियान में कोटा-बूंदी सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रामगढ़ और मुकुंदरा में और बाघिन लाने की योजना
वन विभाग के अनुसार –
इस कार्यक्रम के तहत भविष्य में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में तीन तथा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में दो बाघिन मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से लाने की योजना है।
इससे राजस्थान में बाघ संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
अभियान का संचालन राज्य के नव-नियुक्त मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद के निर्देशन में किया गया।
वहीं मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट तथा
रामगढ़ विषधारी के उपवन संरक्षक अरुण कुमार डी की भूमिका भी अहम रही।
📸 फोटो/वीडियो स्रोत
स्रोत : बूंदी टाइगर रिज़र्व – आधिकारिक सोशल मीडिया
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(रील/वीडियो से लिया गया दृश्य)





