तिलक विवाद: एबीवीपी का सेंट फ्रांसिस स्कूल में विरोध, CCTV फुटेज का हवाला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विद्यालय पहुंचकर छात्र से मारपीट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
एबीवीपी का दावा है कि CCTV फुटेज में शिक्षक द्वारा मारपीट स्पष्ट है।
सिवनी | शिक्षा समाचार
सिवनी यशो:-!लूघरवाड़ा स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में कक्षा सातवीं के छात्र के साथ तिलक लगाने को लेकर हुई कथित मारपीट के मामले में अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भी खुलकर सामने आ गई है। एबीवीपी के छात्रों ने विद्यालय पहुंचकर घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एबीवीपी पदाधिकारियों का कहना है कि –
विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में स्पष्ट रूप से शिक्षक द्वारा छात्र से मारपीट करते हुए देखा गया है।
परिषद का यह भी आरोप है कि शिक्षक ने कैमरे की नजर से बचने के लिए छात्र को ऐसे स्थान पर ले जाकर पीटा,
जहां कैमरे की सीधी पहुंच नहीं थी।
छात्र की आस्था पर हमला बताया
एबीवीपी ने इस घटना को न केवल अनुशासनहीनता बल्कि छात्र की धार्मिक आस्था पर हमला बताया है।
परिषद के सदस्यों ने कहा कि-
तिलक लगाना छात्र का व्यक्तिगत और सांस्कृतिक अधिकार है,
जिस पर आपत्ति जताना या
उसके लिए दंड देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
पहले ही दर्ज हो चुका है पुलिस केस
गौरतलब है कि इस मामले में छात्र के पिता अधिवक्ता राज गोस्वामी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने खेल शिक्षक फिरोज खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग से जांच की मांग
एबीवीपी ने मांग की है कि
दोषी शिक्षक के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए
स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच हो
निजी विद्यालयों में छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
लगातार सामने आ रहे हैं ऐसे मामले
एबीवीपी और सनातन समाज के लोगों का कहना है कि –
हाल के महीनों में मिशनरी और निजी विद्यालयों से जुड़े ऐसे कई विवाद सामने आए हैं,
जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
वर्तमान मामले ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह समाचार प्राप्त जानकारी, एबीवीपी के दावों एवं पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित है। स्कूल प्रबंधन या संबंधित शिक्षक का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।



