विश्व ध्यान दिवस 2025: श्री श्री रवि शंकर करेंगे संयुक्त राष्ट्र से लाइव ध्यान
कभी वर्जित मानी जाने वाली ध्यान साधना को मिली वैश्विक स्वीकृति, करोड़ों लोग एक साथ करेंगे सामूहिक ध्यान
Balaghat 20 December 2025
बालाघाट यशो:- विश्व ध्यान दिवस 2025 के अवसर पर गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर संयुक्त राष्ट्र से लाइव जुड़कर करोड़ों लोगों के साथ सामूहिक ध्यान कराएंगे। यह पहला मौका है जब ध्यान को वैश्विक स्तर पर आधिकारिक मान्यता मिली है और इसे मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना बढ़ाने के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में स्वीकार किया गया है।

ध्यान को मिली वैश्विक मान्यता
कभी विलासिता समझी जाने वाली ध्यान साधना को आज वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल चुकी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 192 देशों ने विश्व ध्यान दिवस के प्रस्ताव का समर्थन किया। शिक्षा, संघर्ष समाधान, युवा नेतृत्व, कारागार सुधार, कॉर्पोरेट तनाव प्रबंधन और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में ध्यान को प्रभावी साधन के रूप में अपनाया जा रहा है।
गुरुदेव का संदेश – ध्यान अब आवश्यकता है
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने कहा:
“ध्यान अब दुनिया के लिए कोई विलासिता नहीं रह गया है। आज हमारी एक तिहाई आबादी अकेलेपन से और आधी आबादी मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही है, तब ध्यान जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।”
उन्होंने ध्यान के महत्व को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि यह तनाव और नकारात्मक विचारों को दूर करने का माध्यम है।
करोड़ों लोग होंगे सहभागी
विश्व ध्यान दिवस 2025 के दौरान करोड़ों लोग एक साथ ध्यान में सहभागी बनेंगे, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वैश्विक संदेश जाएगा।
बालाघाट में सामूहिक उत्सव
बालाघाट जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर 18 से 28 दिसंबर तक निःशुल्क सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रमुख स्कूल और कॉलेज – जैसे सी.एम. राई संदीपनी विद्यालय, एम.एल.बी. स्कूल, पी.जी. डिग्री कॉलेज,
कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय –
में विद्यार्थी और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय पर लाइव ध्यान
21 दिसंबर को रात्रि 8:30 बजे, गुरुदेव के लाइव संबोधन के साथ जिला मुख्यालय और
अन्य स्थानों पर एक साथ ध्यान किया जाएगा।
जिला भाजपा कार्यालय के सभागार में आमजन और ध्यान प्रेमी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
ऑनलाइन जुड़ाव
जो लोग स्थल पर उपस्थित नहीं हो पाएंगे,
वे ऑनलाइन माध्यम से इस लाइव ध्यान सत्र का हिस्सा बन सकते हैं।
ध्यान – वैश्विक शांति का माध्यम
आज ध्यान व्यक्तिगत आत्म-विकास तक सीमित नहीं है,
बल्कि यह मानवता,
संवाद,
मानसिक स्वास्थ्य और वैश्विक शांति का सशक्त माध्यम बन चुका है।
गुरुदेव के मार्गदर्शन में विश्व ध्यान दिवस समाज को आंतरिक संतुलन और सामूहिक चेतना की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।


