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लखनादौन नगर परिषद घोटाला : भाजपा परिषद में भीतर ही भीतर विद्रोह, अध्यक्ष समेत 20 पर EOW FIR

लखनादौन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में नियमविरुद्ध कब्जा, ईओडब्ल्यू ने किया एक्शन

लखनादौन नगर परिषद घोटाला

Seoni 03 March 2026

सिवनी यशो:-  जिले के नगर निकायों में लंबे समय से चल रही लूट-खसोट अब जांच एजेंसियों के शिकंजे में आ चुकी है। लखनादौन नगर परिषद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों का नियमविरुद्ध आवंटन कर शासन को 83 लाख रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने बड़ा एक्शन लिया है।

ईओडब्ल्यू ने नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक, पीआईसी सदस्यों और 14 दुकानदारों सहित कुल 20 आरोपियों पर गंभीर आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

भाजपा की परिषद… और भीतर ही भीतर बगावत

यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है। लखनादौन नगर परिषद में स्थिति यह है कि अध्यक्ष के विरुद्ध पूरी परिषद लामबंद हो चुकी है।
चौंकाने वाली बात यह है कि परिषद में बहुमत होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के पार्षद ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार—

  • कई भाजपा पार्षदों ने

  • कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी पार्षदों के साथ मिलकर

  • उच्च स्तर पर शिकायतें भेजी हैं

 यानी भाजपा परिषद में “भाजपा बनाम भाजपा” की स्थिति बन चुकी है।

EOW FIR आधारित डीप एनालिसिस

घोटाला कैसे हुआ?

ईओडब्ल्यू जांच में सामने आया कि—

  • नगर परिषद द्वारा 8 शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए गए

  • इनमें 75 दुकानों की नीलामी की गई

नियम स्पष्ट थे

  • 21 दिन में 25% राशि जमा

  • शेष राशि 120 दिन में अनिवार्य

  • पूरी राशि के बाद ही अनुबंध (एग्रीमेंट)

  • फिर मासिक किराया तय कर कब्जा

लेकिन हुआ ठीक उल्टा

  • पूरी राशि जमा नहीं कराई गई

  • अनुबंध नहीं बनाए गए

  • फिर भी दुकानों का कब्जा दे दिया गया

  • कई मामलों में चयनित दुकानदारों को सीधा फायदा पहुंचाया गया

यही प्रक्रिया शासन को 83 लाख रुपये की सीधी राजस्व क्षति का कारण बनी।

क्यों गंभीर है यह मामला?

ईओडब्ल्यू ने इसमें—

  • धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वासघात)

  • धारा 120-बी (षड्यंत्र)

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018)

    • धारा 7(सी)

    • धारा 13(1)(ए)

    • धारा 13(2)

लगाई हैं।

 ये धाराएं सामान्य अनियमितता नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं।

सिवनी के पाँचों निकायों में खुला भ्रष्टाचार

लखनादौन का यह मामला अकेला नहीं है। जिले के—

  • पाँचों नगर निकायों में

  • विकास कार्य ठप

  • छोटे कार्यों में भी खुला भ्रष्टाचार

  • पार्षदों और अधिकारियों में टकराव

  • लगातार अख़बारी खुलासे और शिकायतें

यही कारण है कि अब जांच एजेंसियां सक्रिय हुई हैं।

बड़े सवाल

क्या EOW जांच अन्य निकायों तक पहुँचेगी?

  • क्या सत्ताधारी दल अपने ही अध्यक्षों पर कार्रवाई करेगा?

  • क्या यह घोटाला 83 लाख से कहीं ज्यादा बड़ा है?

लखनादौन से उठी यह चिंगारी अब पूरे जिले की राजनीति और प्रशासन को झुलसाने की ताकत रखती है।

https://m.mp.punjabkesari.in/madhya-pradesh/news/83-lakh-lakhanadon-scam-why-are-the-accused-free-even-after-the-fir-2301626

Dainikyashonnati

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