272 करोड़ की नई यूनिट से बदलेगी मध्यप्रदेश की औद्योगिक तस्वीर, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया भूमि-पूजन
धार के पीथमपुर में लियुगोंग इंडिया की नई विनिर्माण इकाई का शुभारंभ, रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
सीएम डॉ. मोहन यादव ने धार में लियुगोंग इंडिया 272 करोड़ यूनिट का किया भूमि-पूजन, बढ़ेंगे रोजगार
Bhopal 08 July 2026
भोपाल/धार यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 272 करोड़ रुपये की नई विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया।
उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि यह परियोजना मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ-साथ प्रदेश को विनिर्माण क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” का सपना तेजी से साकार हो रहा है और यह नई इकाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मध्यप्रदेश को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 82 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

औद्योगिक परियोजनाओं की श्रृंखला
मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में शुरू की गई प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 6 जुलाई को सतगढ़ी में 150 करोड़ रुपये के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, 5 जुलाई को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये की अडाणी डिफेंस यूनिट, 30 जून को उज्जैन में 1,250 करोड़ रुपये की पेप्सिको विनिर्माण इकाई तथा 29 जून को नीमच में 1,554 करोड़ रुपये की 38 नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं और निवेश को धरातल पर उतारने का कार्य करती है।
रोजगार और उत्पादन क्षमता में होगा इजाफा
लियुगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने कहा कि नया संयंत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और अनुसंधान एवं मशीन निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
कंपनी के प्रतिनिधि वरुण विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2009 में कंपनी ने भारत में उत्पादन शुरू किया था और नई इकाई शुरू होने के बाद कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीन हो जाएगी।
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