लापरवाही पर कलेक्टर ने दिखाई सख्ती: कमजोर सेक्टरों पर जताई नाराजगी, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण के दिए निर्देश
कुपोषित बच्चों की पहचान, गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार, स्वच्छ पेयजल और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
सिवनी: कलेक्टर नेहा मीना की सख्ती, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण और कुपोषण पर विशेष फोकस
Seoni, 17 July 2026
सिवनी यशो: – महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया।
उन्होंने कम प्रगति वाले सेक्टरों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) एवं पर्यवेक्षकों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने बैठक में सेक्टरवार आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या, परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की जानकारी लेते हुए योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि निरीक्षण में लापरवाही करने वाले सीडीपीओ, पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सेक्टरवार पंजीयन एवं बच्चों की पोषण स्थिति का परीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे का नियमित वैज्ञानिक पद्धति से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए तथा गंभीर कुपोषित (SAM), मध्यम कुपोषित (MAM) एवं एनीमिया से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजा जाए। साथ ही उपचार की नियमित मॉनिटरिंग कर पोषण ट्रैकर पर अद्यतन जानकारी दर्ज की जाए।
भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मेन्यू के अनुरूप ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।
यदि किसी केंद्र में भोजन की गुणवत्ता या व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित भोजन निर्माण समूह के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार, पेयजल की गुणवत्ता, लंबाई और वजन मापने वाले उपकरणों की नियमित जांच तथा विभागीय गतिविधियों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर भी जोर
कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, पोषण वाटिका, वर्षा जल संचयन व्यवस्था, शौचालय और साफ-सुथरे परिसर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिन सेक्टरों में कुपोषण एवं एनीमिया के मामले अधिक पाए गए हैं, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर आयोजित करने तथा अभिभावकों को संतुलित आहार संबंधी जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
अन्य योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, समग्र प्रविष्टि सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की अन्य योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली पर्यवेक्षकों की सराहना करते हुए अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
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