मिलावटखोरों पर प्रशासन की पैनी नजर, दूध, घी, खोया, दही और पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे
मिलावट और अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध जिला प्रशासन की मुहिम तेज, सिवनी, केवलारी और छपारा में डेयरियों व खाद्य प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने जांच के लिए भेजे।
सिवनी खाद्य सुरक्षा अभियान: दूध, घी, खोया, दही और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए
Seoni, 28 July 2026
सिवनी यशो: – जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले के सिवनी, केवलारी और छपारा क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान संचालित किया गया।
इस दौरान दूध डेयरियों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों से दूध, दही, पनीर, घी, खोया, वनस्पति एवं मसालों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब – MFTL) की सहायता से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों तक शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा मिलावटी एवं निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
इन प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य सामग्री के नमूने
सिवनी शहर स्थित कृष्णा दूध डेयरी से दूध, दही एवं पनीर के नमूने लिए गए। वहीं मदर डेयरी से फुल क्रीम दूध, दूध एवं दही तथा मरावी दूध डेयरी से गाय का दूध, भैंस का दूध, मिश्रित दूध एवं माही के नमूने एकत्र किए गए।
केवलारी क्षेत्र में ठाकुर खोया भंडार से घी एवं खोया तथा अंबिका किराना स्टोर से मिर्च पाउडर, वनस्पति एवं घी के नमूने लिए गए। इसी प्रकार छपारा में अनुष्का डेयरी से भैंस का दूध, गुरु कृपा ट्रेडर्स एवं अजय किराना से घी तथा श्रीराम मिल्क डेयरी से दही एवं पनीर के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
मिलावट पर रहेगी कड़ी नजर
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी तथा स्वच्छता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कहा कि जिले में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। विशेष रूप से दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी अथवा संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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