1.5 लाख से बढ़कर 3 लाख हुई सालाना आय, आजीविका मिशन से बदली संतोषी इनवाती की जिंदगी
स्व-सहायता समूह से जुड़कर संभाली नेतृत्व की जिम्मेदारी, ऋण से शुरू किया जनरल स्टोर; कृषि और व्यवसाय ने परिवार को बनाया आर्थिक रूप से मजबूत
Seoni, 04 October 2026
सिवनी यशो:- कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों और सीमित आमदनी के बीच जीवन गुजार रहीं ग्राम तुलकरैय्यत निवासी श्रीमती संतोषी इनवाती ने मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई। वर्ष 2017 में ‘सरस्वती आजीविका स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल समूह में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया।
मध्य प्रदेश में ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें सशक्त बनाना और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
समूह से जुड़ीं, सचिव से अध्यक्ष तक संभाली जिम्मेदारी
संतोषी इनवाती ने वर्ष 2017 में ‘सरस्वती आजीविका स्व-सहायता समूह’ की सदस्यता ली। उनकी सक्रियता और लगन को देखते हुए उन्हें समूह का सचिव बनाया गया। इसके बाद उन्होंने ग्राम स्तर पर ‘भावना महिला आजीविका ग्राम संगठन’ तथा संकुल स्तर पर ‘रानी दुर्गावती महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ), बीजादेवरी’ में अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
इन जिम्मेदारियों ने उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाया तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खोला।
30 हजार के ऋण से शुरू किया सफर
संतोषी ने नियमित बचत से शुरुआत की। इसके बाद सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के माध्यम से उन्हें प्रथम चरण में 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इससे उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधि शुरू की।
व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने सीसीएल से दोबारा 50 हजार रुपये तथा ग्राम संगठन से 50 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में जनरल स्टोर शुरू किया। दुकान से नियमित आमदनी शुरू हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता और बैंक ऋण से जोड़ने का प्रावधान है।
कृषि को भी बनाया आय का मजबूत जरिया
संतोषी ने व्यवसाय से प्राप्त आय और समूह से मिले आर्थिक सहयोग का उपयोग अपने पति के कृषि कार्य को बेहतर बनाने में भी किया। उन्होंने उन्नत बीज और खाद की व्यवस्था कर कृषि उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया।
आज उनके परिवार की आमदनी के दो प्रमुख आधार कृषि और जनरल स्टोर हैं। दोनों गतिविधियों से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
1.5 लाख से बढ़कर करीब 3 लाख हुई सालाना आय
संतोषी इनवाती के अनुसार, पहले उनके परिवार की वार्षिक आय लगभग 1.5 लाख रुपये थी। आज कृषि और व्यवसाय के माध्यम से यह आय बढ़कर लगभग 3 लाख रुपये वार्षिक तक पहुंच गई है।
आजीविका मिशन और स्व-सहायता समूह से मिले अवसरों ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आज संतोषी स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ परिवार की खुशहाली और आत्मनिर्भरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अपने जीवन में आए इस बदलाव के लिए वे मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े सहयोगियों तथा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
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