काल्पनिक नियुक्तियों का आरोप, 418 सपोर्ट स्टाफ की भर्ती में अनियमितताओं की शिकायत
आउटसोर्स भर्ती पर घोटाले की आशंका, स्वास्थ्य संचालनालय के निर्देश पर आरजेडी कर रहीं जांच
सिवनी स्वास्थ्य विभाग में 418 मल्टी टास्क वर्कर भर्ती घोटाले की जांच, RJD टीम पहुंची, आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना में भारी गड़बड़ी की चर्चाएं, विभाग में मची हलचल, शासन को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चूना? काल्पनिक भर्तियां और वास्तविक भुगतान की आशंका , क्षेत्रीय संचालक के दौरे के बाद मामला सुर्खियों में, कई गंभीर सवाल खड़े
Seoni 30 July 2026
सिवनी यशो:- जिले के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से की गई 418 सपोर्ट स्टाफ (मल्टी टास्क वर्कर) की भर्ती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में की गई इन नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की शिकायत स्वास्थ्य संचालनालय, मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न संस्थाओं के लिए इंदौर स्थित ‘मृत्युंजय ट्रेडर्स’ नामक आउटसोर्स कंपनी को टेंडर प्रदान किया गया था। कंपनी द्वारा जिलेभर में कुल 418 सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियां की गईं। इन भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद क्षेत्रीय संयुक्त संचालक (आरजेडी) डॉ. शोभा चौधरी एवं मनोज बुनकर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिना विज्ञापन भर्ती और वसूली के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। बिना सार्वजनिक विज्ञापन जारी किए नियुक्तियां की गईं तथा बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि कई पदों पर नियुक्त व्यक्तियों के नाम केवल कागजों में दर्ज हैं और वे वास्तविक रूप से कार्यरत नहीं हैं।
काल्पनिक नियुक्तियों का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कुछ ऐसे नाम दर्ज किए गए हैं, जिनके संबंध में काल्पनिक नियुक्तियां दर्शाने की आशंका व्यक्त की गई है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता से जुड़ा हो सकता है।
सीएमएचओ ने जांच की पुष्टि की
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पंकज दुबे ने बताया कि संबंधित आउटसोर्स कंपनी के विरुद्ध अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय संयुक्त संचालक (आरजेडी) डॉ. शोभा चौधरी गुरुवार को सिवनी पहुंचीं और मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।
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