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फर्जी और बेनामी पत्रकारों पर कड़ी कार्रवाई हो: वरिष्ठ पत्रकार आनंद खरे

शासन-प्रशासन से वैधानिक कार्रवाई की मांग, पत्रकारिता की गरिमा बचाने की अपील

फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग, वरिष्ठ पत्रकार आनंद खरे ने शासन-प्रशासन से की अपील

Seoni 30 July 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष एवं महाकौशल के वरिष्ठ पत्रकार आनंद खरे ने राज्य शासन और जिला प्रशासन से जिले में सक्रिय फर्जी, बेनामी एवं स्वयंभू पत्रकारों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

उन्होंने जारी अपील में कहा कि ऐसे कथित पत्रकारों की गतिविधियों से आम नागरिक, सरकारी अधिकारी, स्वायत्त संस्थाएं और सामाजिक संगठन मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। इससे पत्रकारिता जैसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

पत्रकारिता की साख बचाने की जरूरत

आनंद खरे ने कहा कि सिवनी की पत्रकारिता का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। जिले में अनेक वरिष्ठ पत्रकारों ने निष्पक्ष, सिद्धांतनिष्ठ और जनहितकारी पत्रकारिता की परंपरा स्थापित की, जिनका आज भी सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ असामाजिक तत्व पत्रकारिता की आड़ लेकर व्यक्तिगत लाभ और अवैध वसूली जैसे कार्य कर रहे हैं, जिससे पूरी पत्रकार बिरादरी की छवि प्रभावित हो रही है।

बालाघाट में फर्जी पत्रकारों पर पुलिस की कार्रवाई

 वरिष्ठ पत्रकार आनंद खरे ने बताया कि पड़ोसी जिले बालाघाट में ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों की शिकायतों के बाद पुलिस ने कथित फर्जी पत्रकारों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सिवनी में भी ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

युवा पत्रकारों से भी की संगठित होने की अपील

श्री खरे ने वर्तमान में कार्यरत मान्यता प्राप्त एवं विधिसम्मत पत्रकारों, विशेषकर युवा पत्रकारों से अपील की कि वे संगठित होकर फर्जी पत्रकारों की पहचान उजागर करें तथा प्रशासन को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक पवित्र सामाजिक दायित्व है और इसे बदनाम करने वाले तत्वों के विरुद्ध सामूहिक रूप से आवाज उठाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि ऐसे मामलों की निगरानी के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए और विधि सम्मत कार्रवाई कर आम नागरिकों को मानसिक एवं आर्थिक शोषण से राहत दिलाई जाए।

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