


छिंदवाड़ा यशो:-मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी छिंदवाड़ा में आयोजित किसान रैली में शामिल होने पहुँचे थे।
लेकिन रैली को बीच में अचानक सिवनी जिले के आहत कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका
और सिवनी जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्ति पर खुलकर विरोध दर्ज कराया।
रैली में शामिल आम कार्यकर्ताओं और लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि अचानक जुलूस क्यों थम गया।
जब तक लोग कुछ समझते, तब तक नाराज़ कार्यकर्ता पटवारी से घिरकर अपनी बात रखने लगे।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संगठन सृजन अभियान के नाम पर कार्यकर्ताओं की राय की अनदेखी कर नरेश मरावी को जिलाध्यक्ष बनाया गया।
जबकि वे रायशुमारी में छठवें स्थान पर थे।
उनका कहना था कि जिले की बहुमत राय राजकुमार खुरना को अध्यक्ष बनाने की थी।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते रैली कुछ देर के लिए ठप हो गई और मौके पर मौजूद नेता-पदाधिकारी सकते में आ गए।
इस दौरान कांग्रेस संगठन प्रभारी सुखदेव पाँसे समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटवारी के सामने साफ कहा—
“अगर कार्यकर्ताओं की राय को ही दबा दिया जाएगा तो ‘संगठन सृजन अभियान’ का क्या औचित्य है?
यह कार्यकर्ताओं के साथ धोखा है।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्थिति संभालने की कोशिश की और कहा—
“राजकुमार खुराना ने कांग्रेस संगठन के लिए जो योगदान दिया है,
उसे कांग्रेस कभी नहीं भुला सकती। संगठन में उन्हें उचित स्थान दिया जाएगा।”
सिवनी जिले की जिलाध्यक्ष नियुक्ति को लेकर छिड़ा यह विवाद अब मध्यप्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में नई खींचतान का संकेत दे रहा है।
एक ओर कार्यकर्ता नाराज़ हैं, वहीं दूसरी ओर नेतृत्व को रैली के बीच इस अप्रत्याशित विरोध का सामना करना पड़ा।
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