जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती महाराज का सिवनी आगमन
द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियों का किया गहन निरीक्षण, भक्तों को मिला दर्शन-आशीर्वाद
Seoni 13 February 2026
सिवनी यशो:- जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती महाराज का
शुक्रवार को वायुयान द्वारा सिवनी आगमन हुआ।
जनता नगर क्षेत्र स्थित जगदंबा सिटी में उनके आगमन पर
द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समिति एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाएँ अर्पित कर पुष्पवर्षा की तथा महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और सनातन चेतना से ओतप्रोत दिखाई दिया।

द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
आगमन के पश्चात पूज्य शंकराचार्य जी सीलादेही स्थित सहज संतोष आश्रम पहुँचे।
यहाँ उन्होंने आगामी द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का गहन निरीक्षण किया।
महाराजश्री ने भागवत पंडाल, यज्ञशाला, रसोईघर, बैठक व्यवस्था एवं कार्यालय सहित
मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया।
इस दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं भक्तगणों से विस्तृत चर्चा की।
पूज्य शंकराचार्य जी ने आयोजन को अधिक दिव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने हेतु
महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

गुरूरत्नेश्वर धाम पहुँचे महाराजश्री
निरीक्षण उपरांत पूज्य शंकराचार्य सदानंद जी सरस्वती महाराज
गुरूरत्नेश्वर धाम, दिघौरी के लिए प्रस्थान कर गए।
यहाँ उन्होंने महाशिवरात्रि महोत्सव एवं
अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं एवं व्यवस्थापकों से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आगामी कार्यक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 फरवरी को पूज्य शंकराचार्य जी
प्रातः पूजन उपरांत श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे एवं
दर्शन-लाभ प्रदान करेंगे।
दोपहर 01 बजे वे केवलारी विधानसभा क्षेत्र के
ग्राम परासपानी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
इसके पश्चात पुनः गुरूरत्नेश्वर धाम, दिघौरी आगमन होगा।

15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर महाभिषेक
15 फरवरी को पूज्य शंकराचार्य जी
गुरूरत्नेश्वर धाम में
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव का भव्य महाभिषेक संपन्न कराएंगे।
इस अवसर पर वे श्रद्धालुओं को आशीर्वचन भी प्रदान करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए पावन अवसर
श्रद्धालुओं एवं भक्तगणों के लिए यह अवसर अत्यंत पावन एवं दुर्लभ है।
आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि –
अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक आयोजनों को भव्य एवं सफल बनाएं।



