सिवनीधर्ममध्यप्रदेश

शंकराचार्य चौक में प्रस्तावित स्तम्भ में अष्टधातु के प्रतीक चिन्ह होंगे स्थापित

द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर शंकराचार्य जी से प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने लिया मार्गदर्शन

Seoni 24 January 2026
सिवनी यशो:- नगर के छिंदवाड़ा रोड स्थित गणेश मंदिर के समीप शंकराचार्य चौक में प्रस्तावित शंकराचार्य स्तम्भ में अष्टधातु से निर्मित प्रतीक चिन्ह स्थापित किए जाएंगे। स्तम्भ में शंकराचार्य परंपरा के प्रतीक दंड एवं कमंडल अष्टधातु के होंगे तथा स्तम्भ का निर्माण तीन स्टेप में किया जाएगा।

 21 फरवरी से द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

उल्लेखनीय है कि नगर द्वार पर स्थित ग्राम सीलादेही के सहज संतोष आश्रम परिसर में नव निर्मित
दिव्य एवं भव्य भगवान द्वारकाधीश मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन
21 फरवरी से किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-प्रदेश के संत-महात्माओं के साथ ही
जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता प्रस्तावित है।

Jagadguru Shankaracharya Swami Sadanand Saraswati Seoni Meeting Stambh Yojana
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी से आशीर्वाद लेते विधायक दिनेश राय व प्रशासनिक अधिकारी

शंकराचार्य जी से प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने लिया आशीर्वाद

शुक्रवार को जिला कलेक्टर शीतला पटले,

पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता,
अन्य वरिष्ठ अधिकारी,

विधायक दिनेश राय एवं

जिला कांग्रेस अध्यक्ष
नरेश मरावी ने द्वारका शारदा पीठाधीश्वर

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर
आयोजन को लेकर मार्गदर्शन लिया।

 स्तम्भ की डिजाइन सनातन मानबिंदुओं पर आधारित होगी

इस अवसर पर विधायक दिनेश राय ने शंकराचार्य चौक पर प्रस्तावित स्तम्भ की रूपरेखा
पूज्य महाराज श्री के समक्ष प्रस्तुत की।

महाराज श्री ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि-

स्तम्भ की डिजाइन सनातन धर्म के मानबिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए तैयार की जाए।

  • स्तम्भ तीन स्टेप में निर्मित होगा
  • ग्रेनाइट एवं नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा
  • भविष्य में आवागमन प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए

 विधायक निधि से 50 लाख रुपये स्वीकृत

विधायक दिनेश राय ने बताया कि शंकराचार्य स्तम्भ निर्माण के लिए
विधायक निधि से 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है

तथा नगर पालिका परिषद से भी प्रस्ताव पारित हो चुका है।

उन्होंने पूज्य महाराज श्री को आश्वस्त किया कि यह स्तम्भ
आदि शंकराचार्य एवं ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वर
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की प्रतिष्ठा के अनुरूप होगा

और इसके निर्माण में किसी प्रकार की राशि की कमी नहीं आने दी जाएगी।

Dainikyashonnati

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