हर्रई बीईओ प्रकाश कलम्बे हटाए गए, जांच रिपोर्ट के बाद जनजातीय कार्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
वर्षों से पदस्थ बीईओ प्रकाश कलम्बे हटाए गए, मूल पद पर भेजे गए
छिंदवाड़ा यशो:- हर्रई विकासखंड में शिक्षकों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद
जनजातीय कार्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए
विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रकाश कलम्बे को उनके दायित्व से मुक्त कर दिया है।
जांच प्रतिवेदन के बाद विभाग का सख्त फैसला
दरअसल, 24 दिसंबर 2025 को तहसीलदार हर्रई को शिक्षकों द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया था।
इसके बाद गठित जांच समिति ने पूरे प्रकरण की जांच की और
11 जनवरी 2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा द्वारा
आदेश क्रमांक 215/सा.स्था/जजाकावि/2026 दिनांक 03 जनवरी 2026 जारी किया गया,
जिसमें प्रकाश कलम्बे (मूल पद – व्याख्याता) को बीईओ हर्रई के पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
अस्थायी रूप से नया बीईओ नियुक्त
प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए
किशोर पांडे,
उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय संदीपनी विद्यालय हर्रई
(वर्तमान में प्रभारी विकासखंड स्रोत समन्वयक, तामिया)
को आगामी आदेश तक
अस्थायी रूप से बीईओ हर्रई का प्रभार सौंपा गया है।
डीडीओ के वित्तीय अधिकार भी सौंपे गए
चूंकि विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हर्रई एक
डीडीओ कार्यालय है,
इसलिए किशोर पांडे को
मध्यप्रदेश कोष संहिता भाग-1 के नियम 125 के अंतर्गत
आहरण एवं संवितरण के समस्त वित्तीय अधिकार भी प्रदान किए गए हैं।
तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय
तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
इस संपूर्ण कार्रवाई को
कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।
शिक्षकों में संतोष, पारदर्शिता की उम्मीद
हर्रई विकासखंड के शिक्षकों ने इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
शिक्षकों का कहना है कि-
वर्षों से लंबित वेतन, एरियर, क्रमोन्नति और अन्य प्रकरणों को लेकर
अब निष्पक्ष और पारदर्शी निराकरण की उम्मीद जगी है।
संपत्ति जांच की भी उठी मांग
शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि
वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ रहे बीईओ प्रकाश कलम्बे
की भूमिका की विस्तृत जांच की जाए।
इसके साथ ही लगाए गए
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और
संपत्ति जांच की भी मांग की गई है।
जनजातीय कार्य विभाग की यह कार्रवाई
शिक्षा विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर
एक कड़ा और स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।
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