“सिद्धांतों का डिंडोरा, स्वार्थ में अंधे भाजपाई!” – कांग्रेस का तीखा हमला
सिवनी नगर पालिका विशेष सम्मेलन: 58 प्रस्तावों पर घमासान, कांग्रेस ने उड़ाई भाजपा की हंसी
सिवनी नगरपालिका सदर कॉम्प्लेक्स भ्रष्टाचार एक बार फिर नगर की राजनीति का केंद्र बन गया है। 16 फरवरी 2026 को होने वाली विशेष सम्मिलन बैठक में सदर कॉम्प्लेक्स से जुड़े लीज नामांतरण प्रस्तावों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा-नीत परिषद पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
Seoni 14 February 2026
सिवनी यशो:- नगर पालिका परिषद सिवनी की 16 फरवरी 2026 को आयोजित होने जा रही सिवनी नगर पालिका विशेष सम्मेलन बैठक ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है। “कांग्रेस सहित अन्य विरोधी भाजपा पर तंज कसते हुए कह रहे हैं कि सिद्धांतों की दुहाई देने वाली भाजपा सत्ता मिलते ही उन्हीं मुद्दों पर समझौते करने लगी, जिन पर कल तक नैतिकता का पाठ पढ़ाया जा रहा था।”
सिद्धांतों का डिंडोरा पीटने वाली भाजपा अब स्वार्थ के आगे उन्हीं सिद्धांतों को रौंदने में जुट गई है।”
विरोधी दल का आरोप है कि परिषद में प्रस्तावों के माध्यम से आम जनता की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सत्ता के नशे में अपने ही पुराने बयानों और आंदोलनों को भूल चुकी है।
सिवनी नगरपालिका सदर कॉम्प्लेक्स भ्रष्टाचार पर कांग्रेस का हमला
सबसे बड़ा विवाद सदर कॉम्प्लेक्स की दुकानों को लेकर है। जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले दुकानें लेने के बावजूद कई दुकानदारों ने न तो एग्रीमेंट कराया और न ही किराया जमा किया। इतना ही नहीं, कई दुकानों का मूल स्वरूप भी बदला गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन दुकानों के खिलाफ भाजपा पार्षद स्वयं कार्रवाई और खाली कराने की मांग करते रहे, अब उन्हीं दुकानदारों को वैधता देने के लिए पूरी ताकत झोंकी जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे परिषद के आर्थिक हितों को भारी नुकसान पहुंचेगा।
“होटल मीटिंग” की चर्चा, कांग्रेस भी मोर्चेबंद
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सभी प्रस्तावों को पारित कराने के लिए भाजपा पार्षदों की एक निजी होटल में बैठक हो चुकी है, जहां सहमति बनाने के लिए “संतुष्ट करने” के प्रयास किए गए। वहीं कांग्रेस पार्षद दल ने जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक कर विरोध की रणनीति तैयार की है।
कांग्रेस का कहना है कि विशेष सम्मेलन में 58 प्रस्ताव लाया जाना ही नियमों के विपरीत है। पार्टी ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दी है और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय जाने के संकेत भी दिए हैं।
लीज नामांतरण और अवैध वसूली के आरोप
प्रस्ताव क्रमांक 46 के तहत नगरपालिका स्वामित्व की दुकानों से जुड़े लगभग 40 लीज नामांतरण प्रकरण परिषद में लाए जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन प्रस्तावों के पीछे अवैध वसूली का खेल छिपा है और लेन-देन की शर्तें पहले ही तय हो चुकी हैं।
बताया जा रहा है कि रानी दुर्गावती वार्ड से जुड़े कुछ मामलों में उच्च न्यायालय में सुनवाई लंबित है, इसके बावजूद आनन-फानन में प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किए गए।
महामाया वार्ड की पानी की टंकी: भ्रष्टाचार का पुराना घाव
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष श्रीमती पार्वती जंघेला के कार्यकाल में महामाया वार्ड में निर्मित पानी की टंकी भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण रही है।
उनके अनुसार इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दंडात्मक वसूली की गई थी और आज भी कुछ अधिकारी पेंशन से वंचित हैं। आरोप है कि अब इस टंकी को “जर्जर” बताकर गिराने का प्रस्ताव इसलिए लाया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचार के सबूत जड़ से मिटाए जा सकें।
“विकास शून्य, व्यवस्था ठप” – शफीक खान का आरोप
शफीक खान का कहना है कि कार्यकारी अध्यक्ष के नौ माह के कार्यकाल में नगर विकास पूरी तरह ठप हो गया है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, भवन अनुमति, जल कर, संपत्ति कर और विवाह पंजीयन जैसे कार्यों के लिए जनता भटक रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा—“अगर जरा भी शर्म बची है तो अटल जी के नाम पर रखी जाने वाली सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण कराइए और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई कीजिए।”
अब सवाल यह है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है, या सत्ता बदलते ही नियम भी बदल जाते हैं? 16 फरवरी का विशेष सम्मेलन सिवनी की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
https://ddnews.gov.in/nirmala-sitharaman-launches-scathing-attack-on-congress-during-budget-debate/






