छिंदवाड़ा बुजुर्ग हत्या मामला : पारिवारिक रंजिश में सगे रिश्तेदारों ने की निर्मम हत्या, 3 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
सगे रिश्तेदारों ने ही की हत्या, कुल्हाड़ी-डंडे से किया वार
Chhindwara 10 January 2026
छिंदवाड़ा यशो:-छिंदवाड़ा बुजुर्ग हत्या मामला जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां ग्राम सोमाटेकड़ी (टाटरवारा) में आपसी पारिवारिक रंजिश के चलते सगे रिश्तेदारों ने 65 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी। खेत में जानवर चराने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कुल्हाड़ी व डंडों से किए गए हमले में बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
खेत में जानवर चराने के विवाद ने लिया खूनी रूप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त विद्युत विभाग लाइनमैन लखनलाल पिता नंदलाल यादव (65 वर्ष) का अपने ही परिजनों से लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन खेत में जानवर चराने की बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया।
आरोप है कि धनलाल यादव (33), ज्ञानचंद यादव (41) और राजकुमार उर्फ राजा यादव (19) ने एक राय होकर कुल्हाड़ी और डंडे से लखनलाल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही मृत्यु हो गई।
छिंदवाड़ा बुजुर्ग हत्या मामला : पुलिस ने तत्परता से की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जुन्नारदेव थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश बघेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर आंतरिक चोटों के कारण हत्या की पुष्टि हुई।
तीन घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी
जिला पुलिस अधीक्षक अजय पांडे, एएसपी आशीष खरे के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सुनील बरकडे के निर्देशन में अपराध क्रमांक 09, धारा 103(1), 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ी और एक डंडा भी जब्त किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
टीम की भूमिका सराहनीय, होगा सम्मान
इस त्वरित कार्रवाई में निरीक्षक राकेश बघेल,
उप-थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे,
उप निरीक्षक मनोज चौधरी,
एएसआई राजकुमार कुमरे,
सतीश दुबे तथा आरक्षक अनिल उईके,
संतोष धुर्वे,
रामावतार तिवारी,
महेश एवं संदीप झरबड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक द्वारा इस पूरी टीम को सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई है।
छिंदवाड़ा बुजुर्ग हत्या मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि-
पारिवारिक विवाद जब हिंसा में बदलता है,
तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है।
पुलिस की तत्परता ने जरूर कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत किया है।
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