प्रदीप मिश्रा ने माचागोरा पाइपलाइन और भरतादेव फिल्टर प्लांट का किया निरीक्षण, अमृत 2.0 के कार्यों में ढिलाई पर निर्माण एजेंसी को लगाई फटकार
Chhindwara, 07 November 2026
छिंदवाड़ा यशो:- शहर की पेयजल व्यवस्था और निर्माण कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। अमृत 2.0 योजना के कार्यों में सुस्ती और निर्माण एजेंसी के लचर रवैये पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्माण एजेंसी जिओ मिलर की बैंक गारंटी जब्त करने के निर्देश दिए हैं।
उनके इस सख्त रुख से नगरीय निकायों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने के संकेत मिले हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देश पर प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा छिंदवाड़ा पहुंचे।
यहां उन्होंने जिले के समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, नगर निगम छिंदवाड़ा के तकनीकी अमले एवं विभिन्न निकायों के तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक कर पेयजल व्यवस्था और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
माचागोरा पाइपलाइन से जलापूर्ति की योजना की समीक्षा
बैठक में छिंदवाड़ा शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए माचागोरा से नई पाइपलाइन बिछाने के कार्य की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई।
प्रमुख अभियंता ने कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना को गंभीरता से आगे बढ़ाने और नागरिकों को सुगम जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
भरतादेव फिल्टर प्लांट का किया निरीक्षण
प्रमुख अभियंता ने भरतादेव स्थित फिल्टर प्लांट पहुंचकर जल शोधन व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने बैक वॉश वाटर टैंक की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और जल शोधन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी ली गई।
अल्प वर्षा से जल संकट, निजी कुएं-बोरवेल अधिग्रहण के निर्देश
बैठक में अल्प वर्षा के कारण उत्पन्न पेयजल संकट, जल प्रदाय व्यवस्था, सड़क मरम्मत कार्यों और अमृत योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। प्रमुख अभियंता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर निजी कुओं एवं बोरवेल का तत्काल अधिग्रहण कर वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिओ मिलर पर सख्ती, बैंक गारंटी जब्त करने के निर्देश
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कार्य कर रही निर्माण एजेंसी जिओ मिलर के कामकाज की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही और लचर रवैये पर प्रमुख अभियंता ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने एजेंसी को कड़ी फटकार लगाते हुए मौके पर ही उसकी बैंक गारंटी जब्त करने के कठोर निर्देश दिए।
इस कार्रवाई के निर्देश से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि शासकीय योजनाओं के निर्माण कार्यों में लापरवाही और उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रमुख अभियंता के इस दौरे और सख्त निर्देशों से शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने, माचागोरा पाइपलाइन परियोजना को गति देने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की उम्मीद बढ़ी है।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का कितनी तेजी से पालन कराते हैं और नागरिकों को पेयजल संकट से कितनी राहत मिलती है।