भैरोगंज शराब दुकान विवाद पर दिनेश राय मुनमुन का दोटूक रुख, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र; जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और दुकान खोलने के निर्देश निरस्त करने की मांग
Seoni, 07 November 2026
सिवनी यशो:- भैरोगंज में शराब दुकान को लेकर जारी विवाद में अब सियासत भी गरमा गई है। एक तरफ क्षेत्रीय महिलाएं शराब दुकान का लगातार विरोध कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले में सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन को निशाना बनाकर उन पर शराब ठेकेदार को संरक्षण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों के बीच विधायक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विधायक ने साफ तौर पर शराब दुकान को भैरोगंज क्षेत्र में खोले जाने संबंधी निर्देश निरस्त कराने और इसके लिए जिम्मेदार प्रशासनिक एवं आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शराब दुकान हटवाने की पैरवी, फिर विधायक पर संरक्षण का आरोप क्यों?
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने 6 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया है कि दलसागर तालाब भैरोगंज क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया में जिला प्रशासन, आबकारी प्रशासन और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते दुकान को लगभग चार अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। इसके बावजूद क्षेत्रीय महिलाओं का विरोध लगातार जारी है। विधायक का कहना है कि वे इस मामले में पहले भी जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं।
सबसे गंभीर सवाल विधायक ने उन लोगों की भूमिका पर उठाया है, जो राजनीतिक लाभ लेने के लिए लगातार उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक के अनुसार कुछ व्यक्तियों द्वारा क्षेत्र में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि शराब दुकान उनकी सहमति से स्थापित कराई जा रही है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि संबंधित शराब ठेकेदार ने स्वयं उच्च न्यायालय में प्रस्तुत हलफनामे में उल्लेख किया है कि विधायक दिनेश राय मुनमुन शराब दुकान हटवाना चाहते हैं।
हाईकोर्ट के हलफनामे का हवाला, फिर भी दुष्प्रचार क्यों?
विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इस विरोधाभास को प्रमुखता से उठाया है कि जब उच्च न्यायालय में प्रस्तुत हलफनामे में ही उनके द्वारा शराब दुकान हटवाने की बात दर्ज है, तब भी कुछ लोग उन्हें ठेकेदार का संरक्षक बताकर राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं। विधायक ने ऐसे लोगों पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा है कि जनभावनाओं से जुड़े गंभीर मुद्दे को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना उचित नहीं है। एक ओर शराब दुकान हटवाने के लिए पत्राचार और मांग की जा रही है, दूसरी ओर उन्हीं पर संरक्षण देने के आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।
प्रशासन की लापरवाही से जनता में आक्रोश, पार्टी की छवि पर भी असर
विधायक ने अपने पत्र में यह भी चिंता जताई है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण महिलाओं और आम जनता में भारी रोष व्याप्त है। शराब दुकान के बार-बार स्थान परिवर्तन और विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकलने से जनमानस में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है। जनभावनाओं को देखते हुए अब इस मामले में ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
CM से दो टूक मांग – दुकान के निर्देश निरस्त हों, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि भैरोगंज क्षेत्र में शराब दुकान खोले जाने संबंधी निर्देश निरस्त कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। साथ ही इस पूरे मामले में कथित रूप से गलत निर्देश देने और षड्यंत्र करने वाले प्रशासनिक एवं आबकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
पत्र की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी सिवनी को भी भेजी गई है।
अब सवाल उन लोगों से भी है जो राजनीतिक लाभ के लिए विधायक को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे हैं—यदि विधायक शराब दुकान हटवाने की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में मुख्यमंत्री तक को लिखित शिकायत भेज चुके हैं, तो फिर उनके विरुद्ध संरक्षण देने का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है?
भैरोगंज की महिलाओं को शराब दुकान के विवाद से स्थायी राहत मिलना जरूरी है, लेकिन इस जनहित के मुद्दे पर तथ्यहीन आरोपों और राजनीतिक भ्रम की गुंजाइश भी नहीं होनी चाहिए।