आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं से लेकर कुपोषित बच्चों के उपचार तक की समीक्षा, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण के निर्देश
Seoni, 07 November 2026
सिवनी यशो:- बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं बेहतर भविष्य से जुड़ी शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं का वास्तविक लाभ मैदानी स्तर पर दिखाई देना चाहिए और कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।

शुक्रवार, 6 नवंबर को आयोजित बैठक में कलेक्टर ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं, पोषण सेवाओं तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से कुपोषित बच्चों की स्थिति, उनके उपचार और पोषण सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण पर विशेष ध्यान
बैठक में पोषण आहार वितरण, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों की स्थिति, उनके उपचार और नियमित फॉलोअप की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) की क्रियाशीलता, आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-स्कूलिंग, हितग्राहियों के समग्र सत्यापन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभ वितरण की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी की जाए। आवश्यकता के अनुसार उनका उपचार और पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित हो सके।
आंगनवाड़ी केंद्रों की बदलेगी व्यवस्था, निर्माण में गुणवत्ता पर जोर
कलेक्टर ने रिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य समय-सीमा में पूरा कराने को कहा।
आंगनवाड़ी केंद्रों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल संरक्षण की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता से करें निराकरण
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिल सके।
मैदानी निरीक्षण में लापरवाही नहीं चलेगी
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं मैदानी अमले के भ्रमण की जानकारी लेते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने स्पष्ट किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का सीधा संबंध महिलाओं और बच्चों के जीवन से है। इसलिए योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी और मैदानी कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।