धर्मछिंदवाड़ादेश विदेशमध्यप्रदेश

छिंदवाड़ा की रामलीला ने रचा भावनाओं का इतिहास, जबलपुर के अंतरराष्ट्रीय मंच पर छलकी श्रद्धा

विश्व रामायण सम्मेलन में दशरथ-वियोग और भरत-त्याग ने दर्शकों की आंखें नम कीं

Chhindwara 05 January 2026
छिंदवाड़ा यशो:-विश्व रामायण सम्मेलन के समापन समारोह में छिंदवाड़ा की ऐतिहासिक रामलीला ने अपनी सशक्त, करुण और भावनात्मक प्रस्तुति से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमिट छाप छोड़ी। यह आयोजन वैश्विक स्वरूप का रहा, जिसमें भारत के विभिन्न अंचलों के साथ-साथ इंडोनेशिया और मणिपुर की प्रसिद्ध रामलीलाओं की प्रस्तुतियां भी सम्मिलित रहीं। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने सम्मेलन की गरिमा को नई ऊंचाई दी।

दशरथ-वियोग से भरत-त्याग तक… मंच पर जीवंत हुई रामकथा

समापन अवसर पर श्रीरामलीला मंडल छिंदवाड़ा को एक दिवसीय विशेष मंचन का अवसर मिला, जिसे दर्शकों ने श्रद्धा और गहरे भावनात्मक जुड़ाव के साथ देखा। मंडल अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि प्रस्तुति की शुरुआत राजा दशरथ के देहत्याग से हुई, जिसने पूरे सभागार को गंभीर और शोकाकुल वातावरण में डुबो दिया।

राजा दशरथ की भूमिका में मुख्य निर्देशक श्रांत चंदेल ने पुत्र-वियोग की पीड़ा,

आत्मसंघर्ष और अंतिम क्षणों की वेदना को इतने संयमित और सजीव अभिनय से प्रस्तुत किया कि –

सभागार में सन्नाटा छा गया।

उनके स्वर, मौन और भावाभिनय ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

इसके पश्चात भरत का अयोध्या प्रवेश और कैकेयी के प्रति आक्रोश का दृश्य मंच पर उतरा।

भरत की भूमिका में ऋषभ स्थापक ने आत्मग्लानि, धर्मबोध और त्याग की भावना को गहराई से जीवंत किया,

जिसे दर्शकों ने खड़े होकर सराहा।

 छिंदवाड़ा की रामलीला को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

इस ऐतिहासिक प्रस्तुति को देखने छिंदवाड़ा से एक सैकड़ा से अधिक श्रद्धालु और कला प्रेमी जबलपुर पहुंचे।

मंडल के संरक्षक कस्तूरचंद जैन,

राजू चरणागर,

सतीश दुबे,

अध्यक्ष अरविंद राजपूत,

सचिव राजेंद्र आचार्य सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधियों द्वारा श्रीरामलीला मंडल छिंदवाड़ा के सभी कलाकारों एवं समिति सदस्यों का सम्मान किया गया।

यह सम्मान न केवल कला का,

बल्कि छिंदवाड़ा की सांस्कृतिक विरासत का भी वैश्विक स्वीकार था।

https://www.facebook.com/etown.chhindwara/posts/2269957940183122/

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!