नपा सिवनी में पदोन्नति पर घमासान! कांग्रेस पार्षद ने लगाए नियमों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
रात्रि में जारी एजेंडा, अवकाश के बीच बुलाई बैठक; पदोन्नति प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग
नपा सिवनी में पदोन्नति पर बवाल, कांग्रेस पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप
Seoni, 19 July 2026
सिवनी यशो:- नगर पालिका परिषद सिवनी में 20 जुलाई 2026 को प्रस्तावित विशेष सम्मेलन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षद राजिक अकील ने आरोप लगाया है कि कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोड़िया द्वारा नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए नियम-विरुद्ध तरीके से विशेष सम्मेलन बुलाया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर बैठक पर रोक लगाने की मांग जिला कलेक्टर से की है।
राजिक अकील के अनुसार 20 जुलाई, सोमवार को सुबह 11 बजे विशेष सम्मेलन बुलाया गया है, जिसमें लोक सेवा पदोन्नति नियम-2005 के अंतर्गत नियमित कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया है।
उनका कहना है कि नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 57 के अनुसार विशेष सम्मेलन तभी बुलाया जा सकता है, जब परिषद के कम से कम एक-तिहाई पार्षद लिखित रूप से इसकी मांग करें।
इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैठक की सूचना, एजेंडा और संबंधित फाइलों के अवलोकन का पर्याप्त समय दिया जाना आवश्यक है।
अवकाश के दिन हुई चयन समिति की बैठक, रात 10 बजे जारी हुआ एजेंडा
कांग्रेस पार्षद ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई (शनिवार) को, जो कार्यालय अवकाश का दिन था, जिला चयन समिति की बैठक आयोजित की गई और उसी रात लगभग 10 बजे पार्षदों को एजेंडा भेज दिया गया।
अगले दिन रविवार का अवकाश होने के बाद सोमवार सुबह 11 बजे बैठक बुला ली गई। उनका कहना है कि पार्षदों को संबंधित फाइलों के अध्ययन और प्रस्तावों को समझने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों की सूची तक नहीं दी गई
राजिक अकील का आरोप है कि एजेंडे में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि किन कर्मचारियों की पदोन्नति प्रस्तावित है।
उनका कहना है कि कुछ ऐसे कर्मचारियों के नाम भी पदोन्नति के लिए शामिल किए जाने की चर्चा है, जिनके विरुद्ध कथित भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें हुई हैं और विभागीय स्तर पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
यदि ऐसे मामलों में परिषद बिना समुचित जानकारी के स्वीकृति देती है तो भविष्य में कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
लेनदेन के आरोप, पार्षदों को अंधेरे में रखने का दावा
कांग्रेस पार्षद ने आरोप लगाया कि पदोन्नति प्रक्रिया को जल्दबाजी में पारित कराने के लिए पार्षदों को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में कथित रूप से लेनदेन हुआ है, हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कई पार्षदों को भी विश्वास में नहीं लिया गया और पार्टी अनुशासन का हवाला देकर प्रस्तावों को पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले भी उठ चुके हैं प्रक्रिया पर सवाल
राजिक अकील ने कहा कि इससे पहले आयोजित साधारण सम्मेलन को लेकर भी उन्होंने जिला कलेक्टर से शिकायत की थी।
उस बैठक में भी कथित रूप से केवल एक दिन पहले 117 विषयों वाला एजेंडा जारी किया गया था और पार्षदों को फाइलों का अवलोकन करने का अवसर नहीं मिला था। इसके बावजूद बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किए गए।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस पार्षद ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि नगर पालिका परिषद सिवनी में बैठकों की प्रक्रिया और पदोन्नति संबंधी प्रस्तावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उनका कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की कार्यप्रणाली पर अंकुश नहीं लगाया गया तो नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।
नोट: यह समाचार कांग्रेस पार्षद राजिक अकील द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके लिखित/मौखिक दावों पर आधारित है। नगर पालिका परिषद सिवनी, कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोड़िया अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि समाचार संतुलित रहे।
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