किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्यप्रदेश का अन्नदाता अब बन रहा है ऊर्जादाता | किसानों का कल्याण सर्वोपरि
Bhopal 18 October 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आभार सम्मेलन में कहा कि हमारे किसान भाई ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों का हित सर्वोपरि है और सरकार का हर निर्णय उनके कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सूखे खेत को अगर पानी मिल जाए, तो फसल सोना बन जाती है। सरकार हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए संकल्पित है। किसानों को सोलर पंप स्थापना के लिए अब 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, जबकि पहले यह 40 प्रतिशत थी। विद्युत पंप की तुलना में सोलर पंप अधिक पॉवर क्षमता वाला होगा।
किसान बन रहे ऊर्जादाता
किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। सोलर पंप लगाने से बिजली खर्च कम होगा और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय बढ़ेगी। राज्य सरकार किसानों को 32 लाख सोलर पंप दे रही है, जिससे 52 लाख हेक्टेयर रकबा सिंचित हो चुका है। लक्ष्य है कि 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई का विस्तार किया जाए।
कृषि का प्रदेश की GDP में योगदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि –
किसानों की मेहनत से प्रदेश की जीडीपी में कृषि का 39% योगदान है।

मध्यप्रदेश आज देश का सोयाबीन स्टेट,
मिलेट्स स्टेट,
मसाला स्टेट,
लहसुन स्टेट और संतरा स्टेट बन चुका है।
सरकार भावांतर योजना के माध्यम से फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित कर रही है।
किसानों का पंजीयन बढ़कर 9 लाख से अधिक हो गया है।
अब फसल कटने से पहले ही किसानों के खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा,-
“हमारा संकल्प है कि किसान का पसीना सूखने से पहले उसका हक उसके हाथ में पहुँचे।”
इस अवसर पर नर्मदापुरम और
भोपाल संभाग के 3 हजार से अधिक किसान उपस्थित रहे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने भावांतर योजना की प्रक्रिया और
लाभ वितरण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।



