छिंदवाड़ामध्यप्रदेशसिवनी

उप वनमंडल अधिकारी योगेश पटेल पर वनकर्मियों ने लगाये गंभीर और संगीन आरोप, एपीसीसीएफ से जाँच की मांग

सरकारी प्रक्रिया की अनदेखी, मनमानी भुगतान और दस्तावेजों की गड़बड़ी का हुआ खुलासा; पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

सिवनी यशो:- सिवनी जिले के दक्षिण वनमंडल के अंतर्गत कार्यरत उप वनमंडल अधिकारी योगेश पटेल पर वनकर्मियों और विभागीय अधिनस्थोंं ने गंभीर आरोप लगाये है ।

आरोपो से संबंधित शिकायत पत्र अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (एपीसीसीएफ) मनोज अग्रवाल  भोपाल और कलेक्टर कार्यालय, सिवनी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को भेजें है।

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इस शिकायत में योगेश पटेल पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, महिला कर्मचारियों से अशोभनीय व्यवहार, तथा वन संपदा के अवैध शोषण सहित कई संगीन आरोप लगाए गए हैं।

 मुख्य आरोपों की सूची:

  1. फर्जी टी.पी. जारी कर लकड़ी का अवैध व्यापार
    – आरोप है कि निजी खसरों से मिलीभगत कर आम, अर्जुन, सागौन जैसी बहुमूल्य लकड़ी की कटाई में घनमीटर से अधिक मात्रा दर्शाकर फर्जी टी.पी. जारी की जा रही है।

  2. घूसखोरी व दलालों से सांठगांठ
    – टी.पी. जारी करने के एवज में 20,000 प्रति घनमीटर की रिश्वत लेने की बात सामने आई है।

  3. बजट राशि का दुरुपयोग और फर्जी लेबर पेमेंट
    – वानिकी कार्यों में केवल 30-40% राशि खर्च कर बाकी पैसा भोपाल पहुंचाने का हवाला देकर भ्रष्टाचार का आरोप।

  4. मानसिक उत्पीड़न से वनरक्षक की मौत
    वनरक्षक अजय जैन को अवैध वसूली का विरोध करने पर इतना मानसिक दबाव दिया गया कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और उनका स्वर्गवास हो गया।

  5. महिला कर्मचारियों से अभद्रता
    – महिला कर्मचारियों को मुख्यालय में जबरन रखने का दबाव, सी.आर. खराब करने की धमकी और अश्लील संवादों की शिकायतें शामिल हैं।

  6. रात में अवैध कटाई और मुखबिर को गुमराह करना
    – वन विभाग के कर्मचारियों को फर्जी सूचनाएं देकर दूसरी दिशा में भेजा जाता है, जिससे उनके सहयोगी दलाल रात के अंधेरे में अवैध कटाई व परिवहन कर सकें।

  7. राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर निजी खर्चे पर शराब व पार्टी
    – आरोप है कि हर पंद्रह दिन में छोटे कर्मचारियों को शराब-पार्टी दी जाती है, जिसका पूरा खर्च अधिकारी स्वयं उठाते हैं।

कर्मचारी हस्ताक्षर से इंकार क्यों?

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि एसडीओ (सा.) योगेश पटेल द्वारा कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के कारण कोई भी कर्मचारी हस्ताक्षर करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सभी कर्मचारी खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित व असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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क्या होगी कार्यवाही?

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि सार्वजनिक होने के बाद अब राज्य स्तर पर जांच की मांग की जा रही है।

सीसीएफ मनोज अग्रवाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्यवाही की उम्मीद जताई जा रही है।

 यह समाचार दैनिक यशोन्नति को संबंधित शिकायतकर्ताओं द्वारा एपीसीसीएफ एवं जिला कलेक्टर को सौंपे गये शिकायत पत्र की प्रति प्रदान करने पर शिकायत पत्र के आधार पर तैयार किया गया है।
वन विभाग शिकायत सिवनी योगेश पटेल

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