दशलक्षण महापर्व: मुनि श्री धर्मसागर जी एवं भावसागर जी महाराज के सानिध्य में मांगलिक क्रियाएं संपन्न
श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में 3 सितंबर 2025 को अभिषेक, पूजन और तत्वार्थ सूत्र वाचन के साथ दशलक्षण महापर्व का आयोजन
Seoni 03 September 2025
सिवनी यशो: 3 सितंबर 2025 को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में महासमाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज एवं मुनि श्री भावसागर जी महाराज सानिध्य एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योगाचार्य डॉनवीन जैन के निर्देशन में दशलक्षण महापर्व उत्तम तप धर्म के अंतर्गत मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई।
दशलक्षण महापर्व की प्रमुख क्रियाएं
कार्यक्रम में अभिषेक, विशिष्ट मंत्र शांतिधारा, दशलक्षण महापर्व पूजन संपन्न हुआ। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन हुआ –
और रात्रि में प्रतिदिन महाआरती एवं योगाचार्य जी के प्रवचन आयोजित किए गए।कई श्रद्धालुओं ने सात उपवास किए-
और समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के चरण चिन्ह का अभिषेक तथा शास्त्र अर्पित किए।
मुनि श्री भावसागर जी महाराज का प्रवचन
मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि धार्मिक कार्य में मन लगाना चाहिए और पर्व से शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने तप और जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
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बिना तप के मुक्ति नहीं मिलती।
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सामर्थ्य अनुसार तप करना चाहिए।
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मन को बस में करना सबसे बड़ा मंत्र है।
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तप संसार के समुद्र से पार होने का जहाज है।
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तप करने से कर्म क्षय होते हैं और जीवन सुंदर बनता है।
उन्होंने बताया कि 22 लाख वर्षों में करोड़ों दिगंबर जैन साधु हो चुके हैं, और तप धर्म मानव जीवन को उच्च बनाता है।
आगामी कार्यक्रम
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6 सितंबर: अनंत चतुर्दशी के दिन दोपहर 2 बजे अभिषेक और अन्य मांगलिक क्रियाएं।
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7 सितंबर: प्रातः 8 बजे उपवासियों के साथ प्रभु की विशाल रथ यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करेगी और पुनः मंदिर लौटेगी। इसके बाद सम्मान समारोह और पारणा महोत्सव आयोजित होगा।



