Chhindwara 29 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:- परासिया नगर पालिका एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला नगर पालिका अध्यक्ष की गाड़ी में शासन के नियमानुसार तय 125 लीटर डीजल के बदले 227 लीटर डीजल भरवाने का है। यानी 102 लीटर डीजल अधिक, वह भी नपा के खर्च पर। शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच की बात कही है, मगर अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई है।
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एक के बाद एक खुलासे, हर महीने नया विवाद
सूत्रों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब अध्यक्ष के वाहन को लेकर सवाल उठे हैं। मई 2024 में भी वाहन के निजी उपयोग की शिकायत एक पार्षद द्वारा की गई थी, जिसकी जांच रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई। अब इस ताजा डीजल विवाद ने एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टोल नाकों से गुजरा वाहन, लॉगबुक बनी सवालों की किताब
शिकायतकर्ताओं ने लॉगबुक और फास्टैग के आंकड़ों का तुलनात्मक विवरण भी सौंपा है, जिसके मुताबिक अध्यक्ष की अनुबंधित स्विफ्ट डिजायर मई 2024 में परासिया नगर की सीमा में दर्शाई गई, जबकि उसी दौरान वह नर्सियाबाद, बगडोना, फुलारा, पाटनसांवगी, खरबी, मोहतारा सहित 14 टोल नाकों से गुजरती पाई गई। ऐसे में वाहन की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठते हैं।
डीजल टैंक की क्षमता 37 लीटर, मगर भरा गया 53 लीटर तक!
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि अनुबंधित स्विफ्ट डिजायर का डीजल टैंक 37 लीटर का है, लेकिन 21 अक्टूबर से 11 दिसंबर 2024 के बीच हुई डीजल भराई में लगातार 50 लीटर से अधिक डीजल भरवाया गया, जो तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इससे डीजल की फर्जी एंट्री और अनियमित भुगतान की आशंका जताई जा रही है।
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न टैक्सी परमिट, न टेंडर: निजी वाहन से सीधे सौदा!
नगर प्रशासन ने टैक्सी परमिट वाले वाहन की जगह निजी वाहन को अनुबंधित किया, वह भी बिना टेंडर प्रक्रिया के। सिर्फ शपथ पत्र के आधार पर तीन माह का अनुबंध किया गया, जिसे दो बार बढ़ाया गया। वाहन की RC भी प्रस्तुत नहीं की गई, जो नियमानुसार अनिवार्य है।
क्या बोले पक्ष-विपक्ष
विनोद मालवीय, अध्यक्ष नपा परासिया:
“ये आरोप राजनीतिक द्वेषवश लगाए गए हैं। पहले भी लोकायुक्त में की गई शिकायत झूठी साबित हुई थी, यह भी फर्जी निकलेगी।”
भरत गजबे, सीएमओ परासिया:
“मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है, शिकायत संज्ञान में है। दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”



