पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी - आपसी संघर्ष में बाघ की मौत
वन विभाग की सतर्कता से मौके पर जांच, पोस्टमार्टम उपरांत किया गया भस्मीकरण; किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं
Seoni 18 August 2025
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के परिक्षेत्र खवासा (बफर) अंतर्गत बीट विजयपानी, वन कक्ष क्रमांक पीएफ-368 में आज सुबह लगभग 10 बजे एक ग्रामीण चरवाहे को नर बाघ का शव दिखाई दिया।
इसकी सूचना तुरंत बीटगार्ड को दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर बाघ की मौत की पुष्टि की।
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वन अधिकारियों के अनुसार, शव लगभग दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही टाइगर रिजर्व का अमला और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया।
शव परीक्षण में पाया गया कि बाघ के चारों पंजों में नाखून और मुंह में दांत सुरक्षित थे। शरीर और गर्दन पर कई गहरे घाव थे, जो अन्य बाघ द्वारा दबोचे जाने के संकेत देते हैं।
सभी अवयव—दांत, नाखून, मूंछ आदि सुरक्षित पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या मानवीय हस्तक्षेप नहीं हुआ।
यह बाघ पेंच टाइगर रिजर्व के डेटाबेस में वर्ष 2017 से दर्ज था और उसकी उम्र लगभग 11–12 वर्ष बताई गई है।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की SOP के अनुसार, क्षेत्र संचालक देवाप्रसाद जे. की उपस्थिति में डॉ. अखिलेश मिश्रा (वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी) और डॉ. अमित रैकवार (ब्लॉक वेटनरी ऑफिसर, कुरई) ने बाघ का पोस्टमार्टम किया।
नमूने सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच हेतु भेजे गए हैं।
पोस्टमार्टम उपरांत, एसडीओ (राजस्व) प्रशांत उइके, NTCA प्रतिनिधि श्री राजेश भेंडरकर और ग्राम पंचायत जीरेवाड़ा के सरपंच पृथवीलाल सलामे की मौजूदगी में मृत नर बाघ का भस्मीकरण किया गया।



