सिवनीमध्यप्रदेश

पेंच की वरिष्ठ बाघिन PN-20 फिर आई नजर, 17 वर्ष की उम्र में भी संरक्षण की जीवंत प्रतीक

कॉलरवाली की सहोदर, 10 शावकों की जननी “लंगड़ी बाघिन” ने बढ़ाई पेंच की शान

सिवनी | पेंच टाइगर रिजर्व

कर्माझिरी रेंज में फिर दिखी पेंच की विरासत बाघिन

Seoni 07 February 2026
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व बाघिन PN-20 को आज एक बार फिर
कर्माझिरी रेंज के पर्यटन क्षेत्र अंतर्गत बाघिन नाला तालाब के समीप देखा गया।
पेंच की यह वरिष्ठतम बाघिन न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है,
बल्कि बाघ संरक्षण की जीवंत मिसाल भी मानी जाती है।

Senior tigress PN-20 seen near Baghin Nala Talab in Pench Tiger Reserve Karmajhiri Range
पेंच टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ बाघिन PN-20 (T-20), कर्माझिरी रेंज के बाघिन नाला तालाब क्षेत्र में नजर आई

बाघिन PN-20 की कर्माझिरी रेंज में मौजूदगी

मई 2008 में जन्मी बाघिन PN-20 (टी-20) की आयु वर्तमान में
लगभग 17 वर्ष 7 माह है।

इतनी अधिक उम्र के बावजूद इसका जंगल में दिखना
पेंच प्रबंधन के सफल संरक्षण प्रयासों को दर्शाता है।

कॉलरवाली की सहोदर, “लंगड़ी बाघिन” के नाम से विख्यात

यह बाघिन विश्वविख्यात कॉलरवाली बाघिन की सहोदर बहन है।
कर्माझिरी परिक्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में इसका विचरण दर्ज किया गया है।

सामने के पंजे से विशिष्ट ढंग से चलने के कारण
बाघिन PN-20
पर्यटकों के बीच “लंगड़ी बाघिन” के नाम से प्रसिद्ध हो गई।

Senior tigress PN-20 seen near Baghin Nala Talab in Pench Tiger Reserve Karmajhiri Range
पेंच टाइगर रिजर्व की वरिष्ठ बाघिन PN-20 (T-20), कर्माझिरी रेंज के बाघिन नाला तालाब क्षेत्र में नजर आई

पेंच टाइगर रिजर्व बाघिन PN-20 का गौरवशाली प्रजनन इतिहास

बाघिन PN-20 का प्रजनन इतिहास पेंच टाइगर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है—

  • दिसंबर 2012 : दो मादा शावक
  • वर्ष 2016 : तीन शावक (एक नर, दो मादा)
  • वर्ष 2019 : चार नर शावक
  • वर्ष 2021 : एक मादा शावक

वर्ष 2021 में जन्मी मादा शावक वर्तमान में
पी.एन. 165 (लक्ष्मी) के नाम से
कर्माझिरी परिक्षेत्र में विचरणरत है।

10 शावकों की जननी, बाघ संरक्षण में अमूल्य योगदान

अपने जीवनकाल में बाघिन PN-20
ने कुल 10 शावकों को जन्म दिया।

इन शावकों ने पेंच एवं आसपास के वन क्षेत्रों में
अपने-अपने इलाके स्थापित कर
बाघों की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

अत्यधिक आयु में भी जंगल से संघर्ष जारी

वर्तमान में अत्यधिक आयु के कारण बाघिन PN-20 शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी है
और स्वयं शिकार करने में असमर्थ है।

हालांकि अन्य बाघों या तेंदुओं द्वारा छोड़े गए शिकार
और छोटे वन्य प्राणियों से
इसे समय-समय पर भोजन प्राप्त हो जाता है।

पेंच टाइगर रिजर्व की जैव विविधता की जीवंत पहचान

बाघिन PN-20
सिर्फ एक बाघिन नहीं, बल्कि सफल बाघ संरक्षण नीति,

जैव विविधता और वन प्रबंधन की
जीवंत प्रतीक बन चुकी है।

https://mpcg.ndtv.in/madhya-pradesh-news/pench-national-park-oldest-living-lame-tigress-madhya-pradesh-10226075

क्षेत्र संचालक
पेंच टाइगर रिजर्व
सिवनी, मध्य प्रदेश

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!