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“रविदास जी सामाजिक समरसता के महान संत” — साध्वी सरस्वती

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Feb 02, 2026 11:25 pm / Post views : 268

“रविदास जी सामाजिक समरसता के महान संत” — साध्वी सरस्वती
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Seoni 02 February 2026 सिवनी यशो:- संत शिरोमणि रविदास जी सामाजिक समरसता के महान संत थे, जिन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रखने की मिसाल प्रस्तुत की। मीराबाई जैसी क्षत्राणी का उनका शिष्य बनना इस बात का प्रमाण है कि संत परंपरा जाति की सीमाओं से परे रही है। उक्त विचार साध्वी सरस्वती जी ने रविदास जयंती हिंदू सम्मेलन बारापत्थर के अवसर पर व्यक्त किए।

“संत किसी जाति के नहीं, सर्व समाज के होते हैं”

साध्वी सरस्वती ने कहा कि संतों को जातियों में बांटना अनुचित है, क्योंकि वे पूरे समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से संत रविदास जी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा— “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई”। यह सूत्र न केवल सामाजिक समरसता बल्कि समाज की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। [caption id="attachment_41083" align="aligncenter" width="300"]Ravidas Jayanti Hindu Sammelan Barapatthar address by Sadhvi Saraswati बारापत्थर पॉलिटेक्निक मैदान में रविदास जयंती हिंदू सम्मेलन को संबोधित करतीं साध्वी सरस्वती।[/caption]

आरएसएस के पंच परिवर्तन पर विशेष प्रकाश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में साध्वी सरस्वती ने पंच परिवर्तन की चर्चा की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन, स्व-भाषा, स्व-वेशभूषा अपनाने तथा नागरिक उत्तरदायित्वों के पालन पर विशेष जोर दिया।

हिंदू संस्कृति हजारों वर्षों से अडिग: जितेंद्र जी

विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र जी ने हिंदू संस्कृति और सभ्यता की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां विश्व की अनेक संस्कृतियां कुछ वर्षों में विलुप्त हो गईं, वहीं हिंदू संस्कृति हजारों वर्षों के आक्रमणों और कुठाराघातों के बावजूद आज भी अडिग खड़ी है।

सनातन में नारी को देवी का स्थान

मातृशक्ति के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि- हिंदू धर्म ही ऐसा धर्म है जिसमें नारी को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में देवी स्वरूप माना गया है। यह सनातन संस्कृति की विशिष्टता को दर्शाता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समरसता भोज

कार्यक्रम में धार्मिक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत प्रेरणादायी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। आयोजन का समापन भारत माता की आरती और समरसता भोज के साथ किया गया। आभार प्रदर्शन हिंदू सम्मेलन समिति बारापत्थर के संयोजक श्री अखिलेश पांडे द्वारा किया गया। https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2221373&reg=3&lang=2