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एमपी में नैक की तर्ज पर गठित होगी सैक, शिक्षा में निरंतर सुधार करें – सीएम डॉ. मोहन यादव

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर रहेगा फोकस

एमपी सैक गठन – एमपी में नैक की तर्ज पर बनेगी सैक, उच्च शिक्षा में सुधार के निर्देश

Bhopal 04 June 2026
भोपाल यशो:-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 जून को उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने कहा कि-

जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिक्षण में शिफ्ट व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जाए।

नैक की तर्ज पर बनेगी राज्य स्तरीय ‘सैक’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद ‘सैक’ के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर विशेष फोकस करने तथा आगामी “युवा वर्ष” को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रम और प्रकल्प तैयार करने की बात कही।

कृषि पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कृषि स्नातक पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थी इससे जुड़े हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई दी।

पीएम श्री महाविद्यालयों में गुणवत्ता सुधार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के प्रयास किए जाएं। पीएम श्री महाविद्यालयों सहित सभी शासकीय कॉलेजों में शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना भी की गई है।

शोध और रैंकिंग में प्रदेश की उपलब्धियां

प्रदेश में वर्तमान में 384 शोध केंद्र संचालित हैं, जबकि गत वर्ष 83 नए शोध केंद्र प्रारंभ किए गए। आने वाले समय में 100 और शोध केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की है।

बैठक में यह भी बताया गया कि नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर 27वीं रैंक तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने 49वीं रैंक प्राप्त की है।

राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में नए कोर्स शुरू होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान जैसे विषयों के कोर्स शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराएगी।

डिजिटल और एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 68 महाविद्यालय आईआईटी दिल्ली के सहयोग से एआई कोर्स संचालित कर रहे हैं। साथ ही प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में एवीजीसी लैब स्थापित की जा रही हैं, जो एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगी।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

  • महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर दिया जाए
  • पार्ट टाइम और शिफ्ट आधारित कॉलेज संचालन पर विचार हो
  • कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
  • खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान जैसे वोकेशनल विषयों के अध्ययन की व्यवस्था की जाए

https://cgda.nic.in/adm/circular/AN-VIII-SAO-110724.pdf

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