सरस्वती शिशु मंदिर बालाघाट में द्वितीय सप्तशक्ति संगम संपन्न
विद्यालय की बहनों ने प्रस्तुत की जीवंत झांकियाँ, 300 महिलाओं की उपस्थिति में ली गई नारी शक्ति सशक्तिकरण शपथ
Balaghat 15 November 2025
बालाघाट यशो:- शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर बालाघाट में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम के द्वितीय चरण का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले की अनेक शिक्षिका, समाजसेवी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं पूर्व छात्राएँ विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री वैशाली सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्व छात्रा सरस्वती शिशु मंदिर), अध्यक्षता श्रीमती रेखा बिसेन, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत, तथा मुख्य उद्बोधन डॉ. योगिता बिसेन, सहायक प्राध्यापक, शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी महाविद्यालय द्वारा दिया गया।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. रागिनी पारधी,

महिला चिकित्सक,
मिताली हॉस्पिटल,
श्रीमती अर्चना गुप्ता,
कोषाध्यक्ष बाल विकास समिति,
तथा कई अन्य गणमान्य महिलाएँ उपस्थित रहीं।
प्रस्तावना श्रीमती सावित्री राहंगडाले द्वारा रखी गई।
“मां बच्चों की सबसे पहली मार्गदर्शक” – सुश्री वैशाली सिंह
कार्यक्रम के दौरान डॉ. योगिता बिसेन ने भारतीय दृष्टिकोण से कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, 16 संस्कार और पंचग्रास के विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
इसके बाद श्रीमती विधि साकरे ने महिला उत्थान एवं जागरूकता पर प्रकाश डाला।
अपने उद्बोधन में सुश्री वैशाली सिंह ने कहा—
“मां ही बच्चों की पहली मार्गदर्शक होती है।
हर बच्चे को लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”

“महिलाएं घर-परिवार को संवारती हैं”- रेखा बिसेन
अध्यक्षता कर रही श्रीमती रेखा बिसेन ने महिलाओं की समाज एवं परिवार में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सकारात्मक विचार ही व्यक्ति को आगे बढ़ाते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रागिनी पारधी ने नारी शक्ति को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में श्रीमती मीनाक्षी हरिनखेडे और श्रीमती ममता तिवारी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
विद्यालय की बहनों की जीवंत झांकियाँ बनीं मुख्य आकर्षण
विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई जीवंत झांकियाँ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस अवसर पर लगभग 300 महिलाएँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं एवं अतिथियों को नारी शक्ति सशक्तिकरण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम की जानकारी हेमेंद्र क्षीरसागर, सप्तशक्ति संगम प्रचार–प्रसार प्रमुख, ने प्रदान की।



