📍 Bhopal / Seoni 07 October 2025
सिवनी यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और हमें हर हाल में सुशासन के माध्यम से जनविश्वास को बनाए रखना है।”उन्होंने सभी लोक सेवकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करें, ताकि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया।
📸 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन की फोटो (mpinfo.org)
🔹 शासन का लक्ष्य : अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास की किरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनता में यह विश्वास पैदा करना ही सुशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है, और यही जनता का भरोसा राज्य की असली पूंजी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने प्रदेश में जवाबदेह, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत शासन व्यवस्था स्थापित की है, जिससे योजनाओं का लाभ जनता को अधिक शीघ्रता और सरलता से मिल सके।
🔹 गुड गवर्नेंस से ग्रेट रिजल्ट की दिशा में अग्रसर
मुख्यमंत्री ने कहा —
“लोकतंत्र और जनकल्याण में फील्ड अधिकारियों की सबसे बड़ी भूमिका है।गुड गवर्नेंस से ही ग्रेट रिजल्ट संभव है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के जनसेवा मंत्र को आत्मसात करते हुए सभी अधिकारी “विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण में योगदान दें।
🔹 कृषि, सिंचाई और दुग्ध उत्पादन पर बल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश दाल, मसाले और टमाटर उत्पादन में देश में प्रथम, जबकि गेहूं, मक्का और मिर्च में दूसरे स्थान पर है। दुग्ध उत्पादन में प्रदेश चौथे स्थान पर है।उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश को दुग्ध कैपिटल बनाया जाए और देश में दुग्ध उत्पादन का योगदान 9% से बढ़ाकर 20% तक किया जाए।”उन्होंने सभी जिलों को सिंचाई परियोजनाओं और नवाचारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
🔹 शिक्षा, नवाचार और जनसंवाद पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट, रात्रि विश्राम और जनसुनवाई करें।स्थानीय जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद बनाए रखें और सोशल मीडिया पर शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी साझा करें।
🔹 सिंहस्थ 2028 : आध्यात्मिक व आर्थिक अवसर
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि सिंहस्थ 2028 मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सम्पन्नता को दुनिया के सामने लाने का सुनहरा अवसर है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में सांस्कृतिक विरासतों के सौंदर्यीकरण और
पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि
श्रद्धालु उज्जैन के साथ पूरे प्रदेश का भ्रमण करें और
राज्य की अविस्मरणीय छवि लेकर जाएं।
🔹 मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साझा किया “विकसित मध्यप्रदेश @2047” विज़न
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में “विकसित मध्यप्रदेश @2047” पर कार्य हो रहा है, जो प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत” विज़न से प्रेरित है।
उन्होंने बताया कि-
विज़न डॉक्यूमेंट शीघ्र लॉन्च होने जा रहा है,
जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और
नारी केंद्रित योजनाओं पर फोकस रहेगा।
श्री जैन ने कहा कि -
“जिला स्तर पर बेहतर परिणाम तभी मिलेंगे जब सभी अधिकारी मिलकर टीम भावना से कार्य करेंगे।”
🔹 सम्मेलन में सभी वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला,
सभी अपर मुख्य सचिव,
प्रमुख सचिव,
सचिव,
कमिश्नर,
कलेक्टर,
सीईओ जिला पंचायत एवं सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
https://www.mpinfo.org/Home/TodaysNews?newsid=%C2%B2%C2%B0%C2%B2%C2%B5%C2%B0%C2%B9%C2%B2%C2%B0%C3%8E%C2%B3%C2%B3%C2%B5&fontname=%C3%8D%C3%A1%C3%AE%C3%A7%C3%A1%C3%AC&LocID=32&pubdate=09/20/2025