मंडला जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण: ब्लड बैंक की लापरवाही उजागर, कार्रवाई के निर्देश
सीएमएचओ डॉ. डी.जे. मोहंती की जांच में ब्लड बैंक व गायनिक ओपीडी में मिलीं खामियां, स्टाफ पर तत्काल एक्शन
मंडला यशो:- राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मंडला डॉ. डी.जे. मोहंती द्वारा सोमवार को मंडला जिला अस्पताल निरीक्षण औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें ब्लड बैंक एवं मेटरनिटी (गायनिक) विंग स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया।
🔹 ब्लड बैंक में नियमों की अनदेखी, रजिस्टर संधारण में खामियां
मंडला जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक में नियम आधारित कुछ जांच प्रक्रियाओं का पालन नहीं पाया गया।
साथ ही रजिस्टर संधारण एवं दस्तावेजी रिकॉर्ड में भी गंभीर कमियां सामने आईं,
जिसे स्वास्थ्य मानकों के विपरीत माना गया।
🔹 स्पष्टीकरण जारी, लैब टेक्नीशियन तत्काल प्रभाव से हटाया गया
ब्लड बैंक में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. डी.जे. मोहंती द्वारा ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. योगेश सिरसयाम एवं
अस्पताल प्रबंधक अजय सैयाम को स्पष्टीकरण जारी किया गया।
इसके साथ ही लैब में पदस्थ एक लैब टेक्नीशियन को तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक कर दिया गया।
🔹 मरीजों को निःशुल्क रक्त की जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश
सीएमएचओ ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि-
ब्लड बैंक के सूचना पटल पर यह स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए कि-
अस्पताल में भर्ती मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है,
ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति न रहे।
🔹 ब्लड बैंक में स्थायी चिकित्सक की पदस्थापना सुनिश्चित
निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक में स्थायी चिकित्सक की अनुपस्थिति को भी गंभीरता से लिया गया।
इस पर सीएमएचओ द्वारा ब्लड बैंक में स्थायी चिकित्सक की पदस्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
🔹 गायनिक ओपीडी का भी औचक निरीक्षण, ड्यूटी रोस्टर पर सख्ती
ब्लड बैंक के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गायनिक ओपीडी का भी औचक निरीक्षण किया गया।
इस दौरान चिकित्सकों की उपस्थिति एवं ड्यूटी रोस्टर का अवलोकन किया गया।
🔹 गर्भवती माताओं की सोनोग्राफी व ANC पोर्टल एंट्री अनिवार्य
सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि-
सभी गर्भवती माताओं की समय पर सोनोग्राफी कराना अनिवार्य होगा।
साथ ही उनकी जानकारी ANC पोर्टल में अनिवार्य रूप से प्रविष्ट की जाए,
जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में कोई लापरवाही न हो।
🔹 स्वास्थ्य विभाग ने दिए आगे भी औचक निरीक्षण के संकेत
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि –
जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे,
जिससे शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।



