स्वदेशी मेला: मर्दानी खेल में शौर्य और पराक्रम का बेजोड़ प्रदर्शन
लोक कला, संस्कृति और स्वावलंबन की जगमगाती झलक ने मोहा मन
Balaghat 24 November 2025
बालाघाट यशो:- स्वदेशी जागरण मंच, स्वावलंबी भारत अभियान और स्वर्णिम भारत वर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में 15 से 25 नवंबर तक आयोजित 10 दिवसीय स्वदेशी मेला अपार जनभागीदारी के साथ जारी है। दोपहर 2 से रात 10 बजे तक चलने वाले इस मेले में स्वदेशी उत्पादों के साथ-साथ परंपरागत कला, खेल, व्यंजन और सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक देखने को मिल रही है।
मेले में आयोजित स्वदेशी कुश्ती प्रतियोगिता में जिले के पहलवानों ने अपनी उत्कृष्ट शारीरिक क्षमता, ताकत और फुर्ती का प्रदर्शन किया। विजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र और पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शाम को महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने मर्दानी खेल की रोमांचक प्रस्तुतियों से दर्शकों को दंग कर दिया। शौर्य, पराक्रम, उत्साह और आत्मविश्वास से ओतप्रोत इन प्रस्तुतियों को देख दर्शक दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए।

लोकनृत्य और स्वदेशी संस्कृति की झलक से भरपूर सामूहिक प्रस्तुतियों में पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, संगीत और लोकगीतों की गूंज ने वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। मेले में विविध कला प्रदर्शनी, स्वदेशी खेल, स्टार्टअप स्टॉल, स्थानीय व्यंजनों और हस्तशिल्प उत्पादों ने स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मूर्त रूप दिया।
स्वदेशी मेला संयोजक मौसम बिसेन और प्रचार-प्रसार प्रमुख हेमेंद्र क्षीरसागर ने नागरिकों से अपील की कि-
“जब भी बाजार जाएं, सामान स्वदेशी लाएं,” यही संकल्प आत्मनिर्भर भारत,
स्वदेशी अर्थव्यवस्था और लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम सिद्ध होगा।
इस अवसर पर संयोजक मौसम बिसेन,
सह-संयोजक सत्यनारायण अग्रवाल,

प्रणव पटेल,
यज्ञेश चावड़ा सहित
अन्य पदाधिकारी,
सहयोगी एवं
कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
मंच संचालन सुधीर गुड्डू चौधरी ने किया।



