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वन विहार भोपाल में शिक्षकों के लिए प्रकृति संरक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

वन विहार भोपाल में शिक्षकों के लिए प्रकृति संरक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

WWF India, मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 42 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

भोपाल | 10–11 जनवरी

कार्यशाला की प्रमुख बातें
• शिक्षकों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की पहल
• मध्यप्रदेश के 42 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता
• अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविदों द्वारा प्रशिक्षण
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में WWF India द्वारा आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला, प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम, मध्यप्रदेश पर्यावरण शिक्षा
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में प्रकृति संरक्षण पर आयोजित दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का दृश्य

WWF India मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य,
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल तथा
 आर. श्रीनिवास मूर्ति (सेवा निवृत्त आईएफएस अधिकारी,
पीसीपीसी – प्रोजेक्ट कंसलटेंट एवं प्रोजेक्ट कन्वीनर) द्वारा संयुक्त रूप से
विद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों के लिए
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
10 एवं 11 जनवरी को
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में किया गया।

यह कार्यशाला प्रकृति के संगठन एवं संरक्षण पर आधारित रही।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इनमें प्रमुख रूप से एपको के प्रदेश पर्यावरण शिक्षा अधिकारी दिलीप चक्रवर्ती,
सिवनी जिले से रवि कटरे (एपको जिला मास्टर ट्रेनर एवं जिला नोडल) तथा
पूजा पांडे (एपको जिला क्विज मास्टर) शामिल रहे।


“यदि समाज में परिवर्तन लाना है तो विद्यार्थियों का साथ आवश्यक है,
और विद्यार्थियों के मानस में परिवर्तन लाने में शिक्षक सबसे उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।”

—  शुभ्र रंजन सेन

विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में परिवर्तन संभव

कार्यशाला का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन्य प्राणी अभिरक्षक,
वन विभाग वन्य प्राणी शाखा भोपाल शुभ्र रंजन सेन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि
डॉ. सुभाष कुमार,
सेवा निवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं परियोजना संरक्षक रहे।

उद्घाटन सत्र में कार्यशाला के संयोजक आर. श्रीनिवास मूर्ति
(सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक) ने
कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रकृति संरक्षण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

कार्यशाला के संयोजक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि-

आज समाज को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने की सर्वाधिक आवश्यकता है।

आने वाली पीढ़ी को पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए तैयार करने में
शिक्षकों की भूमिका सबसे प्रभावी है।

कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू भोपाल के निर्देशक विजय कुमार
द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया।

वहीं WWF इंडिया मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की डायरेक्टर डॉ. स्वाति मोघे
ने कहा कि-

प्रशिक्षित शिक्षक अपने विद्यालयों एवं

अन्य शिक्षकों को भी
इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।


यह कार्यशाला प्रकृति, समाज और विद्यालय को जोड़ने का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुई।

प्रकृति से जुड़ाव का सशक्त मंच

कार्यशाला के समापन अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि
लोक शिक्षण आयुक्त,

मध्यप्रदेश शासन श्रीमती शिल्पा गुप्ता
ने इस पहल को प्रकृति से समाज और

विद्यालय को जोड़ने का
अत्यंत प्रभावी मंच बताया।

उन्होंने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और

अधिक निचले स्तर तक
विस्तारित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस दो दिवसीय कार्यशाला में
देश के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त पर्यावरणविदों एवं

वैज्ञानिकों
द्वारा प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण एवं

जैव विविधता पर
व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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