रिश्वत लेते वेयरहाउस मैनेजर रंगेहाथ गिरफ्तार, धान खरीदी केंद्र बनाए जाने मांग थी रिश्वत
लोकायुक्त जबलपुर की कार्रवाई, किसान हितों पर डाका डालने वालों को सख्त संदेश
Seoni 12 December 2025
सिवनी यशो:- सिवनी जिले में धान खरीदी केंद्र को लेकर चल रही तैयारियों के बीच भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के धनोरा शाखा प्रबंधक मुकेश परमार को लोकायुक्त जबलपुर टीम ने ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई सीधे-सीधे किसानों के हितों पर वार करने वाले भ्रष्टाचार पर तगड़ा प्रहार माना जा रहा है।
केंद्र बनाने के नाम पर रिश्वतखोरी – किसानों के साथ धोखा
सूत्रों के अनुसार, आरोपी मुकेश परमार ने जैन वेयरहाउस, नाई पिपरिया में धान खरीदी केंद्र बनाए जाने के लिए संचालक सुरेंद्र जैन से रिश्वत की मांग की थी।
धान खरीदी केंद्रों का निर्धारण किसानों की सुविधा, दूरी और बुनियादी ढाँचे जैसे कड़े मानदंडों पर आधारित होता है। ऐसे में केंद्र के एवज में रिश्वत मांगना किसानों के साथ खुला विश्वासघात है।
धान खरीदी की प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि—
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धान खरीदी केंद्र किसानों की सुविधा के लिए होते हैं, ताकि उन्हें अधिक दूरी न जाना पड़े।
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केंद्र का स्थान पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से तय किया जाता है।
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रिश्वतखोरी से यह संदेह उठता है कि खरीदी प्रणाली में गड़बड़ी की जा रही थी।
ऐसे मामलों से न केवल किसानों को नुकसान होता है, बल्कि पूरी सरकारी खरीदी व्यवस्था बदनाम होती है।
लोकायुक्त कार्रवाई: भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
लोकायुक्त जबलपुर ने यह ट्रैप कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी मैनेजर के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आचरण नियमों का खुला उल्लंघन
एक सरकारी अधिकारी होने के नाते मुकेश परमार का यह कृत्य—
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सेवा आचरण नियमों का घोर उल्लंघन है
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सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है
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उनके पद का दुरुपयोग स्पष्ट रूप से सिद्ध करता है
यह मामला विभाग में मौजूद उन भ्रष्ट तत्वों के लिए कड़ी चेतावनी है जो किसान हितों से जुड़े संवेदनशील कामों में भी अनियमितता करने से नहीं चूकते।
सरकार की स्पष्ट नीति – “भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता”
इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि—
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राज्य सरकार
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वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन
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तथा लोकायुक्त संगठन
भ्रष्टाचार के प्रति बिल्कुल शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहे हैं। किसानों से जुड़ी योजनाओं और खरीदी व्यवस्थाओं में किसी भी लेनदेन, अनियमितता या रिश्वत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों की खरीदी होगी पारदर्शी
लोकायुक्त ने बताया कि मामला गंभीर है, और आगे की कानूनी कार्रवाई तेज़ी से जारी रहेगी, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया—
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निष्पक्ष,
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पारदर्शी,
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और सिर्फ किसानों के हित में संचालित हो सके।



