सिवनीमध्यप्रदेश

नगर परिषद के टैक्स वसूली के खिलाफ उबाल, बगलई में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन

रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन, बगलई को नगर परिषद से अलग कर पुनः ग्राम पंचायत बनाने की मांग; टैक्स वसूली, रोजगार और सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

बगलई में टैक्स वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, ग्राम पंचायत बनाने की मांग

Seoni, 01 October 2026
सिवनी / केवलारी यशो:-
 नगर परिषद केवलारी के वार्ड क्रमांक 6 में शामिल ग्राम बगलई में टैक्स वसूली और नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई। सोमवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीणों ने रैली निकालकर प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बगलई को नगर परिषद से अलग कर पुनः ग्राम पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि बगलई को नगर परिषद में शामिल किए जाने के बाद उन्हें शहरी क्षेत्र के अनुरूप अपेक्षित सुविधाएं और विकास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग निवास करता है। पंचायत क्षेत्र में पहले मनरेगा के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध होते थे, लेकिन नगर परिषद में शामिल होने के बाद रोजगार के अवसर कम होने से आर्थिक परेशानियां बढ़ी हैं।

प्रमाण पत्र के लिए टैक्स जमा करने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद से किसी कार्य या प्रमाण पत्र के लिए संपर्क करने पर पहले टैक्स जमा करने की बात कही जाती है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के समय आवश्यक प्रमाण पत्र अपेक्षाकृत आसानी से और समय पर मिल जाते थे, जबकि वर्तमान व्यवस्था में नगर परिषद कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।

ग्रामीणों ने नगर परिषद कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की।

हजारों रुपये के मकान टैक्स वसूली से नाराजगी

ग्रामीणों ने मकान टैक्स वसूली को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई परिवारों पर हजारों रुपये का टैक्स लगाया गया है, जिसे मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए जमा करना मुश्किल है। ग्रामीणों ने टैक्स निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया की जांच कर उचित राहत दिए जाने की मांग की है।

सुविधाएं नहीं मिलने का भी उठाया मुद्दा

ग्रामीणों के अनुसार बगलई गांव नगर परिषद मुख्यालय से करीब पांच से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उनका कहना है कि नगर परिषद में शामिल होने के बावजूद गांव को शहरी क्षेत्र के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने बगलई को नगर परिषद से पृथक कर पुनः ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग रखी है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल

ग्रामीणों ने नगर परिषद क्षेत्र में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन से नगर परिषद की योजनाओं, निर्माण कार्यों और उनकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने टैक्स वसूली की व्यवस्था की समीक्षा, स्थानीय समस्याओं के निराकरण और बगलई को पुनः ग्राम पंचायत बनाए जाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।

नोट: टैक्स वसूली, प्रमाण पत्र और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित नगर परिषद या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर समाचार में शामिल किया जा सकता है।

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