बैनगंगा नदी प्रदूषण मामला: गोपालगंज स्थित एमपीएस फैक्ट्री पर गंभीर आरोप
कलेक्टर ने 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की
Seoni 06 January 2026
सिवनी यशो:- सिवनी जिले की जीवनरेखा और आस्था की प्रतीक मां बैनगंगा नदी को प्रदूषित किए जाने के गंभीर आरोपों पर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है।
जनआकांक्षा पोर्टल, समाचार पत्रों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार सामने आ रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए
कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने ग्राम पंचायत गोपालगंज में स्थित
एमपीएस (MPS) फैक्ट्री के विरुद्ध
4 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

उष्णा प्लांट से निकल रहे अपशिष्ट से प्रदूषण का आरोप
शिकायत में आरोप है कि गोपालगंज क्षेत्र में संचालित एमपीएस फैक्ट्री के
उष्णा (बॉयलर) प्लांट से निकलने वाला
केमिकल युक्त, दूषित एवं जहरीला अपशिष्ट जल
सीधे मां बैनगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है।
गौरतलब है कि मां बैनगंगा नदी—
- सिवनी शहर एवं सैकड़ों गांवों की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है
- हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई इसी नदी से होती है
- धार्मिक दृष्टि से यह नदी आस्था और संस्कार का केंद्र मानी जाती है
जांच समिति में ये अधिकारी शामिल
कलेक्टर द्वारा गठित सिवनी बैनगंगा नदी प्रदूषण जांच समिति में निम्न अधिकारी शामिल किए गए हैं—
- क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जबलपुर
- कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खंड सिवनी
- जनरल मैनेजर, जिला उद्योग केंद्र, सिवनी
- तहसीलदार, तहसील सिवनी
5 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
जारी आदेशानुसार जांच समिति को—
- एमपीएस फैक्ट्री के उष्णा प्लांट का स्थल निरीक्षण
- फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल एवं बैनगंगा नदी के पानी के सैंपल एकत्र
- प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन
करते हुए 5 दिवस के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी में ज़हर, फिर भी चुप्पी क्यों?
प्रदेश में शराब में मिलावट की खबर आते ही प्रशासन सक्रिय हो जाता है,
लेकिन जब आम जनता के पीने के पानी में ज़हर मिलाए जाने के आरोप लगते हैं,
तो जवाबदेही पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
- ❓ क्या उद्योग का मुनाफा जनस्वास्थ्य से ऊपर है?
- ❓ क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि –
यदि जांच के बाद दोषियों पर
कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे
जनआंदोलन एवं कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब जिले की निगाहें सिवनी बैनगंगा नदी प्रदूषण जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
https://hindi.downtoearth.org.in/mining/illegal-mining-of-sand-in-bawanthadi-river-balaghat-district



