भोपाल के शब्द उत्सव-2026 में जिले की साहित्यिक प्रतिभाओं का सम्मान, तीनों रचनाकारों को 5100-5100 रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान
Chhindwara, 03 November 2026
छिंदवाड़ा यशो:- साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे छिंदवाड़ा के तीन रचनाकारों ने जिले को गौरवान्वित किया है। मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रदेश स्तरीय आयोजन ‘शब्द उत्सव-2026’ में छिंदवाड़ा जिला इकाई के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश नयन को प्रतिष्ठित मणिदीप सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।
वहीं जिला इकाई की सचिव एवं युवा कवयित्री श्रीमती शैफाली शर्मा तथा जिला इकाई की सदस्य एवं युवा शायरा सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरजू’ को वागीश्वरी पुरस्कार प्रदान किया गया।
गत रविवार को भोपाल स्थित मायाराम सुरजन स्मृति सभागार में आयोजित शब्द उत्सव-2026 साहित्यिक समारोह में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, रचनाकारों एवं साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध वरिष्ठ कथाकार, उपन्यासकार एवं नाटककार असगर वजाहत ने की, जबकि प्रसिद्ध कहानीकार एवं उपन्यासकार सुश्री मधु कांकरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
तीन साहित्यिक प्रतिभाओं को मिला प्रदेश स्तरीय सम्मान
समारोह में ओमप्रकाश नयन को उनके साहित्यिक सृजन एवं योगदान के लिए इस वर्ष का तृतीय मणिदीप सृजन सम्मान प्रदान किया गया। वहीं युवा कवयित्री शैफाली शर्मा और युवा शायरा अंजुमन मंसूरी ‘आरजू’ को उनकी साहित्यिक प्रतिभा के लिए वागीश्वरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
तीनों सम्मानित रचनाकारों को 5100-5100 रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। एक ही जिले की तीन साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रदेश स्तरीय मंच पर सम्मानित किया जाना छिंदवाड़ा के साहित्यिक जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि रही।
प्रदेशभर के साहित्यकारों की रही सहभागिता
आयोजन में मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष पलाश सुरजन, महामंत्री अभिषेक वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य हेमेन्द्र कुमार राय, छिंदवाड़ा जिला इकाई के सदस्य दिनेश कुमार भट्ट सहित प्रदेश की विभिन्न जिला इकाइयों से पहुंचे पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने सहभागिता की।
इस उपलब्धि से छिंदवाड़ा के साहित्यिक क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। तीनों रचनाकारों को मिले सम्मान को जिले की साहित्यिक सक्रियता, सृजनशीलता और नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा की महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।