स्कूलों में बनेगा डेटा रजिस्टर, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और कमजोरियों पर रहेगी शिक्षकों की सीधी नजर; परीक्षा परिणाम सुधारने और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
सिवनी। अब स्कूलों में केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणाम का रिकॉर्ड रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति, विषयवार प्रदर्शन और अकादमिक स्थिति की पूरी जानकारी हर विषय शिक्षक के पास भी उपलब्ध रहनी चाहिए।
इसके लिए सभी विद्यालयों में व्यवस्थित डेटा रजिस्टर तैयार किया जाए। यह महत्वपूर्ण निर्देश जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री घनश्याम सोनी ने 3 नवंबर को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, सिवनी में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए।

दोपहर 3 बजे आयोजित इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी शिक्षकों के पास व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होगी, तभी उनकी कमजोरियों को पहचानकर समय रहते सुधारात्मक प्रयास किए जा सकेंगे। प्रत्येक विद्यार्थी का विधिवत अकादमिक रिकॉर्ड संधारित करने और उसकी समस्त आवश्यक जानकारी सभी विषय शिक्षकों तक उपलब्ध कराने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
हर विद्यार्थी की पढ़ाई का होगा व्यवस्थित रिकॉर्ड
संयुक्त संचालक श्री सोनी ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों का डेटा रजिस्टर बनाया जाना आवश्यक है। इसमें प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति और विषयवार उपलब्धियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए। इससे शिक्षक यह समझ सकेंगे कि कौन सा विद्यार्थी किस विषय में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और किसे अतिरिक्त मार्गदर्शन एवं सहयोग की आवश्यकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।
परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए बनेगी प्रभावी कार्ययोजना
बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, परीक्षा परिणाम और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। संयुक्त संचालक ने बोर्ड परीक्षाओं सहित अन्य कक्षाओं के परिणाम बेहतर बनाने के लिए अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने, विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखने तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित मामलों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में साइकिल वितरण, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं स्कूटी वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने तथा यू-डाइस संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही विद्यालयों में ड्रॉपआउट की स्थिति, पाठ्यक्रम पूर्णता और शैक्षणिक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।
संयुक्त संचालक ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करे।
आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश
विद्यालयों में उपलब्ध इंटरैक्टिव पैनल और आईटी लैब का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी श्री सोनी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों एवं प्राचार्यों से कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार और बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करना है। शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समय पर पहुंचे तथा विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने के लिए सभी अधिकारी और प्राचार्य सक्रिय भूमिका निभाएं।
तीन विकासखंडों के प्राचार्य एवं अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में एडीपीसी समग्र शिक्षा, एपीसी समग्र शिक्षा, सहायक संचालक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा सिवनी, बरघाट और केवलारी विकासखंड के समस्त प्राचार्य उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।