बेर तालाब में बच्चों और युवाओं ने दिखाया तैराकी कौशल, आकर्षक जल प्रदर्शनों ने मोहा दर्शकों का मन — विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
Seoni, 03 November 2026
सिवनी / बरघाट यशो:- मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर बरघाट के बेर तालाब में तैराकी का रोमांच देखने को मिला। यहां बच्चों और युवाओं ने पानी में अपनी प्रतिभा और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। चार आयु वर्गों में आयोजित 50 मीटर फ्री स्टाइल तैराकी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
वहीं, तैराकों द्वारा प्रस्तुत विशेष जल कौशलों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के माध्यम से तैराकी को जीवन रक्षा के महत्वपूर्ण कौशल के रूप में अपनाने का संदेश भी दिया गया।

1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था मां शक्ति संस्थान पखारा, सेक्टर क्रमांक-4 एवं नगर विकास प्रस्फुटन समिति बरघाट के संयुक्त तत्वावधान में नगर परिषद बरघाट स्थित बेर तालाब में प्रतियोगिता एवं तैराकी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बरघाट विधायक कमल मर्सकोले उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती इमरता साहू, पवार समाज अध्यक्ष हरकचंद टेमरे, सांसद प्रतिनिधि श्रीमती गोमती ठाकुर, विधायक प्रतिनिधि तुमेश बापचे, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती ममता अनिल पाठक एवं जनपद पंचायत बरघाट के पूर्व अध्यक्ष प्रीतपाल बघेल शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद सिवनी के जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के छायाचित्र पर पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया गया।
तैराकी केवल खेल नहीं, जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण कौशल
मां शक्ति संस्थान के अध्यक्ष एवं जल योगाचार्य भारत लाल देशमुख ने तैराकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तैराकी सिखाने का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को ऐसा जीवन कौशल सिखाना है, जिससे पानी में डूबने जैसी दुर्घटनाओं के दौरान किसी की जान बचाई जा सके। तैराकी शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी कला और हुनर कभी व्यर्थ नहीं जाता। बच्चों को तैराकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संस्था एवं प्रशिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। विशेष सहयोगी मंडल अध्यक्ष एवं नगर परिषद बरघाट के सभापति हेमंत राहंगडाले ने भविष्य में भी तैराकी प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे अनूठी पहल बताया। उन्होंने स्वयं भी तैराकी जानने का उल्लेख करते हुए भविष्य में इस तरह के आयोजनों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की।
चार आयु वर्गों में हुई 50 मीटर फ्री स्टाइल प्रतियोगिता
प्रतियोगिता को चार आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक वर्ग में 50 मीटर फ्री स्टाइल तैराकी स्पर्धा आयोजित की गई। इसमें विजेता प्रतिभागियों के परिणाम इस प्रकार रहे—
प्रथम वर्ग (5 से 10 वर्ष)
प्रथम – काव्य पटले
द्वितीय – भौतिक ठाकुर
तृतीय – लय ठाकुर
द्वितीय वर्ग (10 से 15 वर्ष)
प्रथम – अभिनव गेडाम
द्वितीय – शरद यादव
तृतीय – अक्षत ठाकुर
तृतीय वर्ग (15 से 20 वर्ष)
प्रथम – उत्कर्ष चौधरी
द्वितीय – डेविड ठाकुर
तृतीय – प्रकाश शरणागत
चतुर्थ वर्ग (20 से 30 वर्ष)
प्रथम – अंकित शरणागत
द्वितीय – अभिषेक शरणागत
तृतीय – अंश उपाध्याय
रेल चलाने और चक्र बनाने जैसे जल कौशलों का प्रदर्शन
प्रतियोगिता के साथ तैराकी का विशेष प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें रेल चलाने एवं चक्र बनाने जैसे आकर्षक जल कौशलों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में भारत लाल देशमुख, रामप्रसाद भैरम, चंद्रहास ठाकुर, रानू ठाकुर, महेंद्र भैरम, टीकाराम चावके, नरेंद्र गेडाम एवं भाया यादव ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा सभी विजेता प्रतिभागियों एवं अन्य प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संदीप मिश्रा एवं नरेंद्र गेडाम ने किया।
इस अवसर पर नरेश सिंह राजपूत, उमंग फाउंडेशन बरघाट के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर, कोमल राहंगडाले, वेंकटराव बिसेन, मनीराम पटले, आसाराम ठाकुर, शेरू सूर्यवंशी, अनिल सदाफल, बृजेश ठाकुर (सचिव), जय टेमरे, विभोर राहंगडाले, सीताराम राहंगडाले, दयाल पारधी, शंभू भैरम, शंकर लाल यादव, श्रीमती रुचि राहंगडाले एवं मानेश्वर बिसेन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में मां शक्ति संस्थान के अध्यक्ष एवं जल योगाचार्य भारत लाल देशमुख ने अतिथियों, सहयोगियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर आयोजित इस पहल ने उत्सव को रचनात्मक स्वरूप देने के साथ ही बच्चों और युवाओं में तैराकी के प्रति रुचि बढ़ाने तथा जल दुर्घटनाओं से बचाव के लिए तैराकी को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।