देवास में थाना प्रभारी की हत्या को बताया कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती, बोलीं– प्रदेश में नशे का कारोबार और माफियाराज चिंता का विषय
Chhindwara, 03 November 2026
छिंदवाड़ा यशो:- मध्यप्रदेश में शराब माफियाओं और भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव तथा कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर गुलाबी गैंग कमांडर पूर्णिमा वर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब कारोबार से जुड़े तत्वों के हौसले बुलंद हैं। इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील भी की गई है।
अपने निवास राजनगर स्थित वर्मा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि खातेगांव में थाना प्रभारी की हत्या केवल एक पुलिस अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। उनका कहना था कि जब वर्दी पहनकर समाज की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शराब माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग
पूर्णिमा वर्मा ने अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सरकार को सख्त संदेश देना चाहिए।
उन्होंने शराब माफियाओं को कथित राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि केवल शहीद का दर्जा देने और अनुकंपा नियुक्ति की घोषणा करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। घटना के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मोहन सरकार के कार्यकाल में नशे के बढ़ते प्रभाव पर उठाए सवाल
पूर्णिमा वर्मा ने पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शराब नीति और सामाजिक व्यवस्था को लेकर परिस्थितियां अलग थीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में शराब, ड्रग्स और गांजे जैसे नशीले पदार्थों का प्रभाव बढ़ने की शिकायतें लगातार क्यों सामने आ रही हैं?
उन्होंने कहा कि सागर, बंडा, देवास, पांढुर्णा, सौंसर और छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के अनेक जिलों में नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में जाने से खतरे में पड़ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित कठोरता दिखाई नहीं दे रही है।
पूर्णिमा वर्मा ने मुख्यमंत्री एवं उनके परिवार के शराब व्यवसाय से कथित संबंधों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान देश के हृदय प्रदेश के रूप में है, ऐसे में प्रदेश को नशे और अपराध की बढ़ती समस्या की ओर जाने से रोकना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि प्रदेश में शराब माफियाओं, भू-माफियाओं और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश की परिस्थितियों पर गंभीरता से संज्ञान लेने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि कानून का राज स्थापित करना और आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।