48 वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग, कांग्रेस ने पूछा—जनता को पानी कब मिलेगा? कमिश्नर बोले—कमलनाथ-नकुलनाथ के कार्यकाल में हुए 70 बोर की जानकारी मांगी है, सांसद के निर्देश पर 70 नए बोर के टेंडर की प्रक्रिया शुरू
Chhindwara 04 November 2026
छिंदवाड़ा यशो:- शहर के 48 वार्डों में पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन और भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नियमित जलप्रदाय की मांग को लेकर शहर कांग्रेस एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेतृत्व में विशाल रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर की जनता लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से ठोस समाधान के बजाय केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निगम कमिश्नर सी.पी. राय को ज्ञापन सौंपकर पेयजल संकट के प्रत्येक बिंदु पर जवाब मांगा।
कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से प्रारंभ हुई रैली में कांग्रेसजनों के साथ विभिन्न वार्डों के नागरिक भी शामिल हुए। हाथों में 'जितना जल, उतना ही कर', 'पानी हमारा अधिकार है' और 'हमें नियमित पानी दीजिए' जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला अस्पताल, कोतवाली थाना, अनगढ़ हनुमान मंदिर और महात्मा गांधी चौक होते हुए निकली रैली में भाजपा सरकार, नगर निगम, महापौर और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने यह कहते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया कि पेयजल व्यवस्था नगर निगम से संबंधित है, इसलिए ज्ञापन निगम कमिश्नर को ही सौंपा जाएगा। इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निगम कमिश्नर से मुलाकात कर शहर की जल समस्या पर चर्चा की और जवाब मांगे।
कांग्रेस ने कहा—आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि पेयजल संकट को लेकर कलेक्ट्रेट में कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। जनता को अब और आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। उन्होंने नियमित जलप्रदाय शुरू करने की समय-सीमा तय करने की मांग की।
ओकटे ने कहा कि कमलनाथ और नकुलनाथ के कार्यकाल में माचागोरा जलाशय से पाइपलाइन बिछाकर छिंदवाड़ा की पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में काम किया गया था। वर्तमान भाजपा सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शहर की जनता को नियमित पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती हंसा अम्बर दाढ़े ने कहा कि शहर में पेयजल संकट का कारण केवल बारिश की कमी नहीं, बल्कि नगर निगम की लापरवाही भी है। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सरला सिसोदिया श्रीवास्तव ने सांसद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के समय जनता से अपनापन जताने वाले जनप्रतिनिधि अब जल संकट के समय कहां हैं।
परासिया विधानसभा प्रभारी गंगाप्रसाद तिवारी सहित शहर कांग्रेस एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेताओं ने भी पेयजल व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा।
कमिश्नर बोले—70 पुराने बोर की जानकारी मांगी, 70 नए बोर के टेंडर शुरू
कांग्रेस के ज्ञापन और सवालों पर निगम कमिश्नर सी.पी. राय ने बताया कि कमलनाथ और नकुलनाथ के कार्यकाल में कराए गए 70 बोर के संबंध में उन्होंने जानकारी मांगी है। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद बंटी साहू ने 70 और बोर कराने के लिए कहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
कमिश्नर के इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुराने 70 बोर की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और नए बोर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर के वार्डों में पेयजल संकट से कितनी राहत मिल पाती है। फिलहाल शहरवासियों को नियमित जलप्रदाय की व्यवस्था का इंतजार है।
बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और नागरिक रहे मौजूद
प्रदर्शन में शहर कांग्रेस एवं कांग्रेस पार्षद दल के साथ पार्षद टिंकू राय, मंजू बैस, शोभी कुरैशी, बबला पटेल, चिंटू काले, आकाश मोखलगाय, राहुल मालवी, नदीम अहमद, अनुराग सराठी और संगीता मुन्ना पवार सहित जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि, अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।