कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने शेष पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के दिए निर्देश, दीपावली पर घर लौटने वाले ग्रामीणों के मकानों की लंबित रजिस्ट्री भी होगी पूरी
Chhindwara, 05 November 2026
छिंदवाड़ा यशो:- ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में छिंदवाड़ा जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 76 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। इस उपलब्धि के बाद अब प्रशासन की नजर योजना के शेष पात्र परिवारों तक पहुंचने पर है।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे और लंबित रजिस्ट्रियों का काम प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
दीपावली पर घर लौटेंगे ग्रामीण, लंबित रजिस्ट्रियों का मिलेगा अवसर
कलेक्टर ने कहा कि दीपावली के अवसर पर रोजगार और अन्य कार्यों के लिए बाहर रहने वाले ग्रामीणजन भी अपने गांव और घर लौटेंगे। इस अवधि का उपयोग करते हुए ऐसे परिवारों के मकानों की लंबित रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराने के प्रयास किए जाएं, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री नारायन गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। बैठक में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, राजस्व वसूली, अवैध उत्खनन पर कार्रवाई, स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री और सीएम हेल्पलाइन सहित राजस्व विभाग के विभिन्न कार्यों की तहसीलवार समीक्षा की गई।
गांव-गांव सत्यापन कर छूटे परिवारों को जोड़ें
स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ पटवारियों को गांव-गांव भेजकर प्रत्येक मकान और संबंधित परिवार का सत्यापन कराएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार सूचीबद्ध होने से छूटने न पाए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण जिन मकानों की रजिस्ट्रियां लंबित रह गई हैं, उनकी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी कराई जाए। सभी तहसीलदार अपने क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करें और कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहें।
राजस्व कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, राजस्व वसूली तथा अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई की स्थिति पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख प्रबंधन, नायब तहसीलदार और खनिज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।