खैरमाटाकोल पहुंचीं कलेक्टर अंजू अरुण कुमार, एफपीओ सदस्यों से जानी उत्पादन और निर्यात की स्थिति; सीताफल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर दिया जोर
Seoni, 05 November 2026
सिवनी यशो:- सिवनी के जीआई टैग प्राप्त सीताफल की पहचान अब जिले की सीमाओं से निकलकर देश के महानगरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रही है। अपने विशिष्ट स्वाद और आकार के लिए पहचाने जाने वाले इस फल की मांग लगातार नए बाजारों में बढ़ रही है। एफपीओ अध्यक्ष के अनुसार, सिवनी के सीताफल का निर्यात दुबई तक किया जा चुका है। जिले के इस खास कृषि उत्पाद की संभावनाओं को समझने गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार छपारा विकासखंड के ग्राम खैरमाटाकोल पहुंचीं, जहां उन्होंने एफपीओ सदस्यों और ग्रामीणों से चर्चा कर उत्पादन, विपणन और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी ली।
महानगरों से दुबई तक सिवनी के सीताफल की पहचान
खैरमाटाकोल में एफपीओ सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि सिवनी के सीताफल की मांग स्थानीय और आसपास के बाजारों के साथ देश के महानगरों में भी है। इसकी विशिष्ट गुणवत्ता, स्वाद और आकार के कारण दूसरे क्षेत्रों के उपभोक्ता भी इसे पसंद कर रहे हैं। एफपीओ अध्यक्ष ने जानकारी दी कि जिले के सीताफल का दुबई तक निर्यात किया गया है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने सीताफल के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर इससे विभिन्न प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार किए जाने से मूल्यवर्धन होगा। इससे किसानों को केवल ताजा फल बेचने तक सीमित रहने के बजाय अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकेंगे।
एफपीओ को बेहतर बाजार और मूल्यवर्धन के लिए किया प्रोत्साहित
कलेक्टर ने एफपीओ सदस्यों से विभागीय सहयोग, उत्पादन, विपणन में आ रही कठिनाइयों और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को उनकी उपज का अधिक लाभ दिलाने के लिए एफपीओ को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
गांव में तालाब निर्माण की मांग पर प्रस्ताव बनाने के निर्देश
दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से गांव के विकास और स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा की। ग्रामीणों ने ग्राम में तालाब निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
नरवाई नहीं जलाने और नशामुक्त गांव बनाने की अपील
कलेक्टर ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील करते हुए फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करने को कहा। उन्होंने कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने और जल संसाधनों के संरक्षण के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान उन्होंने नशामुक्ति का संदेश देते हुए सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और गांव को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सदम सिंह वरकड़े, संबंधित विभागों के अधिकारी, एफपीओ सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।