बालाघाटमंडलामध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री बोले: “31 जनवरी 2026 तक MP नक्सलमुक्त”, बालाघाट में 10 मोस्ट वॉन्टेड आत्मसमर्पण

नक्सलवाद का अंतिम दौर: दो माह में 2.81 करोड़ के 11 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 3 साल में 17 ढेर

Balaghat 07 December 2025

बालाघाट यशो:- मध्यप्रदेश में नक्सल-विरोधी अभियान अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश—
“या तो आत्मसमर्पण करो, या कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहो”—के अनुसरण में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

मध्य प्रदेश में 10 नक्सलियों का सरेंडर कार्यक्रम
मुख्यमंत्री बोले: “31 जनवरी 2026 तक MP नक्सलमुक्त”, बालाघाट में 10 मोस्ट वॉन्टेड नक्सली आत्मसमर्पण

पिछले 03 वर्षों में 2.17 करोड़ इनाम वाले 17 नक्सली ढेर किए गए, जबकि सिर्फ पिछले दो महीनों में 2.81 करोड़ इनाम वाले 11 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए।

एक समय सक्रिय रहने वाले 06 नक्सली दलम अब घटकर सिर्फ 01 दलम रह गया है। यह संकेत है कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है।

💥 बालाघाट में ऐतिहासिक आत्मसमर्पण — 10 मोस्ट वॉन्टेड नक्सलियों ने डॉ. मोहन यादव के सामने हथियार डाले

बालाघाट में शनिवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में कान्हा–भोरमदेव जंगल क्षेत्र में सक्रिय 10 खूंखार नक्सलियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
इन पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा ₹2 करोड़ 36 लाख का इनाम घोषित था।

मध्य प्रदेश में 10 नक्सलियों का सरेंडर कार्यक्रम
मुख्यमंत्री बोले: “31 जनवरी 2026 तक MP नक्सलमुक्त”, बालाघाट में 10 मोस्ट वॉन्टेड नक्सली आत्मसमर्पण

मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों को भारतीय संविधान की प्रति भेंट कर मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया।

डॉ. मोहन यादव का संदेश — “लाल सलाम को अंतिम सलाम देने का समय आ गया है”

डॉ. यादव ने कहा—

“हिंसा नहीं—विकास समाधान है। जो लौटना चाहे, सरकार उसे सम्मानजनक जीवन देगी; लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।”

उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मार्च 2026 का लक्ष्य अब जनवरी 2026 से पहले ही पूरा हो जाएगा।

 सरेंडर करने वाले 10 नक्सली — कुल इनाम ₹2.36 करोड़

बालाघाट में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री बोले: “31 जनवरी 2026 तक MP नक्सलमुक्त”बालाघाट में 10 मोस्ट वॉन्टेड  नक्सली आत्मसमर्पण
  1. सुरेंद्र उर्फ कबीर – ₹77 लाख (सबसे बड़ी गिरफ्त)

  2. राकेश होड़ी उर्फ मनीष

  3. जरिमा उर्फ जोगी मुसाक

  4. नवीन उर्फ हिडमा

  5. सलिता उर्फ सावित्री

  6. जयशीला उर्फ ललिता अयोम

  7. शिल्पा नुप्पो

  8. समर उर्फ समारू

  9. लालसिंह मरावी उर्फ सींगा

  10. विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी

इनमें चार महिला नक्सली भी शामिल हैं।

🔫 भारी मात्रा में हथियार किए जमा

  • AK–47 — 02

  • INSAS — 02

  • SLR — 01

  • कार्बाइन — 02

  • .303 राइफल — 02

  • कार्टेज बॉक्स — 07

  • वॉकी–टॉकी — 04

सबसे खूंखार — ‘कबीर’ (₹77 लाख इनामी)

  • 1995 में नक्सल संगठन से जुड़ा

  • टॉप लीडर देवजी का बॉडीगार्ड

  • 2004–2014: दरभा डिविजन का ‘मिलिट्री इन चीफ’

  • AK–47 के साथ कई हमलों में शामिल

  • संगठन का मास्टर ट्रेनर
    अब इसी ‘कबीर’ ने मुख्यमंत्री के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

सुरक्षा + विकास: नक्सल क्षेत्रों में दोहरी रणनीति की सफलता

पिछले तीन वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े बदलाव:

सुरक्षा अभियानों में सफलता

  • 17 स्थायी + 10 अस्थायी सुरक्षा कैंप

  • 10 हार्डकोर नक्सली ढेर (2025 में ही)

  • 11 आत्मसमर्पण (दो महीने में)

  • 64 पुलिस अधिकारियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन

विकास कार्य

  • 46 एकल सुविधा केंद्र

  • 4162 वन अधिकार पट्टे

  • 1232 जाति प्रमाण पत्र

  • 374 मूल निवासी प्रमाण पत्र

  • 748 आधार कार्ड

  • 3500 युवाओं को रोज़गार

  • 882 युवाओं की विशेष सहयोगी दस्ता में भर्ती

नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2023 इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनी।

 “हम दबेंगे नहीं, जो हथियार उठाएगा उसे ठिकाने लगाया जाएगा”—सीएम

डॉ. यादव ने चेतावनी देते हुए कहा—

“जो हथियार डालकर आएगा, सरकार उसकी चिंता करेगी। लेकिन जो गोली चलाएगा—उसे खत्म किया जाएगा।”

🙏 शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा—

“नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का बलिदान आज सार्थक हुआ है।”

सरकार उनके परिवार को ₹1 करोड़ और भाई को डीएसपी पद दे चुकी है।

📌 जिला–स्तरीय नेतृत्व भी मौजूद

  • प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह

  • विधायक गौरव पारधी, विवेक पटेल

  • ओबीसी आयोग सदस्य मौसम बिसेन

  • जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार

  • IG संजय कुमार सिंह

  • IG CRPF नीतू सिंह

  • कलेक्टर मृणाल मीना

  • SP आदित्य मिश्रा

SP ने कहा—“बालाघाट लक्ष्य से पहले ही नक्सलमुक्त हो चुका है।”

 MP में नक्सलवाद का ‘अंतिम अध्याय’ शुरू

सरकार, पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति, विकास कार्यों और निरंतर दबाव के कारण नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है।

लक्ष्य — “31 जनवरी 2026 तक मध्यप्रदेश नक्सलमुक्त”
मुख्यमंत्री ने कहा—
“अब एमपी में नक्सलवाद नहीं चलेगा—अंतिम प्रहार शुरू हो चुका है।”

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Dainikyashonnati

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