द्वारकाधीश मंदिर एवं शंकराचार्य आश्रम — प्राण प्रतिष्ठा की अंतिम तैयारियाँ प्रारंभ
आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत् रामकृष्णानंद जी की उपस्थिती में 07 दिसंबर को भव्य बैठक संपन्न
सिवनी, 07 दिसंबर 2025
सिवनी यशो:- सीलादेही स्थित शंकराचार्य आश्रम परिसर में द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम स्वर देने हेतु 07 दिसंबर को एक विशेष मार्गदर्शन बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूज्यपाद पंचाग्निपीठ के आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत् रामकृष्णानंद जी महाराज, द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज के निज सचिव श्री सुबुद्धानन्द जी महाराज, तथा ब्रह्मचारी श्री ब्रह्मविद्यानन्द जी की दिव्य उपस्थिती रही।

आश्रम परिसर भक्तों की भीड़, भक्ति-भाव, और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर दिखाई दिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों, गुरुभक्तों और शिष्यों ने आयोजन की रूपरेखा तय करने में सक्रिय सहभागिता निभाई।
सिवनी — ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद जी की जन्मभूमि, आयोजन से बढ़ेगी आध्यात्मिक धारा
अपने आशीर्वचन में आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत् रामकृष्णानंद जी महाराज ने कहा—
“सिवनी वह पुण्यभूमि है जहाँ ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने अवतार ग्रहण किया।
यह भूमि सदैव से धर्म, संस्कृति और वेद परंपरा का तेज प्रकट करती रही है।
उनके संकल्पानुसार द्वारकाधीश भगवान के मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा कार्य उनके प्रतिनियुक्त शिष्य, पूज्य शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज के माध्यम से संपन्न हो रहा है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक संकल्प की पूर्णता है।”
उन्होंने बताया कि इस पवित्र स्थल पर शीघ्र ही गुरुकुल की स्थापना भी की जाएगी, जिससे वेद-वाणी, संस्कार और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की धारा और अधिक प्रखर होकर प्रवाहित होगी।

21 से 27 फरवरी तक भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
आयोजन समिति ने बताया कि द्वारकाधीश मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 21 फरवरी से 27 फरवरी तक वैदिक रीति से संपन्न होगी।

इस दौरान—
विशाल वैदिक अनुष्ठान,
संत-महात्माओं का आगमन,
श्रीमद भागवत कथा का आयोजन,
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम,
धर्मसभा और सत्संग,
आचार्य एवं विद्वानों के प्रवचन,
आयोजित किए जाएंगे।
देशभर से अनेक संत-महात्मा, विद्वान, और वीवीआईपी इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होंगे।
तैयारियों पर विस्तृत चर्चा, सेवा समितियाँ गठित
बैठक में—
आवास एवं भोजन व्यवस्था, दर्शन एवं यातायात प्रबंधन,
सांस्कृतिक और वैदिक अनुष्ठान,
सुरक्षा एवं अनुशासन व्यवस्था,
प्रचार प्रसाद समिति, सेवा समितियों का गठन,
पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
सभी उपस्थित गुरुभक्तों ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह को भव्यता प्रदान करने हेतु तन – मन – धन से योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
“यह आयोजन सिवनी ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा –
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज के निज सचिव श्री सुबुद्धानन्द जी महाराज तथा ब्रह्मचारी श्री ब्रह्मविद्यानन्द जी ने कहा—
यह आयोजन प्रदेश के आध्यात्मिक मानचित्र पर सिवनी को एक नई पहचान देगा।
ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी की कृपा से यह भूमि पुन: धर्म-जागरण का केंद्र बनने जा रही है।
सभी श्रद्धालुओं की सहभागिता इसे दिव्यता और भव्यता प्रदान करेगी।”



